MP News: हिंदू नाम बता कर कॉलेज की तीन छात्राओं को अपने जाल में फंसाया, फिर अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ही कॉलेज की तीन छात्राओं के साथ रेप का मामला सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई है। इस मामले में तीन आरोपियों-फरहान खान, साहिल खान, और अली खान-पर फर्जी हिंदू नामों का इस्तेमाल कर छात्राओं से दोस्ती करने, उनके साथ रेप करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस घटना ने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाई हैं, जिसमें बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे "लव जिहाद" का मामला करार देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। शर्मा ने दावा किया कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश में इस तरह का रैकेट सक्रिय है।

मामले का खुलासा, बागसेवनिया थाने से शुरू हुई जांच
मामला तब सामने आया जब एक पीड़िता, जो बागसेवनिया क्षेत्र में रहती है, 18 अप्रैल 2025 को बागसेवनिया थाने पहुंची और फरहान खान के खिलाफ रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि फरहान ने उसका अश्लील वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर न केवल बार-बार यौन शोषण किया, बल्कि उससे पैसे भी ऐंठे। उसने यह भी खुलासा किया कि उसकी दो अन्य सहेलियों के साथ भी फरहान और उसके दोस्तों ने इसी तरह की ज्यादती की है।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। अन्य दो पीड़िताओं की काउंसलिंग की गई, जिन्होंने जहांगीराबाद और अशोका गार्डन इलाकों में रेप की घटनाओं की पुष्टि की। पुलिस ने तीनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज कीं और जांच को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
आरोपियों का शातिराना जाल: नाम बदलकर दोस्ती, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल
पुलिस जांच और पीड़िताओं के बयानों के अनुसार, तीनों आरोपी-फरहान खान, साहिल खान, और अली खान-एक ही कॉलेज में एमबीए के छात्र हैं, जहां पीड़िताएं ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं। इन तीनों ने सुनियोजित तरीके से पीड़िताओं को अपने जाल में फंसाया।
पहला कदम: फरहान की दोस्ती
सबसे पहले फरहान खान ने बागसेवनिया में रहने वाली एक छात्रा से दोस्ती की। उसने अपनी पहचान छिपाते हुए हिंदू नाम का इस्तेमाल किया। दो साल पहले शुरू हुई इस दोस्ती के बाद फरहान ने पीड़िता को मिलने के लिए बुलाया और बागसेवनिया के एक होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने चोरी-छिपे पीड़िता का अश्लील वीडियो बना लिया।
MP News: ब्लैकमेलिंग और सहेलियों को फंसाना
वीडियो के आधार पर फरहान ने पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू किया। उसने धमकी दी कि अगर उसने अपने दोस्तों साहिल और अली के लिए अपनी सहेलियों से दोस्ती नहीं कराई, तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। डर के मारे पीड़िता ने अपनी दो सहेलियों को फरहान के दोस्तों से मिलवाया। साहिल और अली ने पहली ही मुलाकात में दोनों सहेलियों के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उनके भी अश्लील वीडियो बना लिए।
MP News: बार-बार ज्यादती और पैसे की उगाही
इसके बाद तीनों आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं के साथ बार-बार रेप किया। साहिल खान ने जहांगीराबाद में एक किराए के कमरे में, अली खान ने अशोका गार्डन के एक होटल में, और फरहान खान ने बागसेवनिया के होटल में पीड़िताओं के साथ ज्यादती की। इसके अलावा, आरोपियों ने पीड़िताओं से हजारों रुपये ऐंठे। जब उनकी मांगें बढ़ती गईं और पीड़िताएं उनका विरोध करने लगीं, तो एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
धर्म परिवर्तन का दबाव और मानसिक प्रताड़ना
पीड़िताओं ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया कि तीनों आरोपी उन पर इस्लाम कबूल करने और शादी करने का दबाव बनाते थे। अगर वे उनकी बात नहीं मानती थीं, तो उन्हें वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। एक पीड़िता ने बताया कि पहली बार उसके साथ ज्यादती तब हुई थी, जब वह नाबालिग थी, जिसके कारण पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई: दो गिरफ्तार, एक फरार
बागसेवनिया पुलिस ने 18 अप्रैल को पहली FIR दर्ज की थी, लेकिन मामला 24 अप्रैल को सार्वजनिक हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फरहान खान और साहिल खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीसरे आरोपी, अली खान, की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें अन्य युवतियों के नंबर और संदिग्ध सामग्री मिली है। इन नंबरों के आधार पर पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या अन्य छात्राएं भी इस गिरोह का शिकार हुई हैं।
पुलिस ने तीनों मामलों को अलग-अलग थानों-बागसेवनिया, जहांगीराबाद, और अशोका गार्डन-में दर्ज किया है। प्रत्येक मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (रेप), पॉक्सो एक्ट, और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किए गए हैं। जांच की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
MP News: मामले में देरी और विवाद
बागसेवनिया पुलिस पर आरोप है कि उसने 18 अप्रैल को दर्ज FIR को छह दिनों तक दबाए रखा। मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हुई। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि पुलिस ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आरोपियों को भागने का मौका मिला। भोपाल पुलिस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि गोपनीयता बनाए रखने और पीड़िताओं की सुरक्षा के लिए शुरू में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने कहा, "मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। युवतियां सुरक्षित नहीं हैं, और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश करती है। सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।" वहीं, बीजेपी प्रवक्ता आलोक दुबे ने जवाब में कहा, "पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और दो आरोपी जेल में हैं। यह मामला गंभीर है, और SIT की जांच से सभी दोषियों को सजा मिलेगी।"
कॉलेज प्रशासन की चुप्पी
तीनों पीड़िताएं और आरोपी एक ही कॉलेज से हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है ताकि उसकी छवि खराब न हो। हालांकि, छात्र संगठनों ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि वह आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
पुलिस की आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इनमें मिले नंबरों और चैट्स के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह कोई बड़ा रैकेट है। पुलिस को शक है कि आरोपी अन्य युवतियों को भी निशाना बना सकते थे। इसके अलावा, पुलिस उन होटलों और किराए के कमरों की जांच कर रही है, जहां ये वारदातें हुईं।
बागसेवनिया थाना प्रभारी ने कहा, "हम इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। पीड़िताओं की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। तीसरे आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
सामाजिक प्रभाव और चुनौतियां
यह मामला भोपाल में कॉलेज छात्राओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के जरिए बनने वाली दोस्ती के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले तब तक सामने आते रहेंगे, जब तक कैंपस में जागरूकता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए जाते। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "कॉलेजों में छात्राओं को सोशल मीडिया और अनजान लोगों से दोस्ती के खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। साथ ही, पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
- IPC धारा 376: बलात्कार
- पॉक्सो एक्ट: नाबालिग के साथ यौन अपराध (पहली पीड़िता के नाबालिग होने के कारण)
- मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021: धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप
- IPC धारा 384: उगाही (एक्सटॉर्शन)
- IPC धारा 506: आपराधिक धमकी
- कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो आरोपियों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। हालांकि, पीड़िताओं की गवाही और फॉरेंसिक साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।












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