Bhopal News: प्रॉपर्टी पर महंगाई की मार! 1 अप्रैल से बढ़ेंगे रेट, जानें किन इलाकों में देना होगा ज्यादा पैसा
Bhopal news: राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को बड़ा झटका लगने वाला है। जिला मूल्यांकन समिति ने 1283 स्थानों पर कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा और रजिस्ट्री पर भी अधिक राशि खर्च करनी होगी।
19 मार्च तक आम जनता दर्ज करा सकती है आपत्ति
पंजीयन विभाग ने 19 मार्च शाम 5:00 बजे तक आम जनता से दावे और आपत्तियां मांगी हैं। यदि किसी को इन प्रस्तावित दरों पर आपत्ति है, तो वह अपनी राय दर्ज करा सकता है।

- 1283 लोकेशनों पर दाम बढ़ाने का प्रस्ताव
- 100% तक दरों में बढ़ोतरी की संभावना
- रजिस्ट्री के लिए भी अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी
इस बार पंजीयन विभाग ने जिले के 3883 स्थानों में से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उच्च दर वाले स्थान निकाले हैं। इनमें से 1283 स्थानों पर हायर रेट पर रजिस्ट्री का मामला सामने आया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 309 स्थानों पर 400% तक अधिक दरों पर रजिस्ट्री हुई है। इन इलाकों में 100% तक दाम बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
क्रेडाई करेगा कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने का विरोध
भोपाल में प्रॉपर्टी बाजार से जुड़े संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने इस प्रस्ताव का विरोध करने की बात कही है।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज वीक का बयान
"भोपाल में सर्किट रेट में कई गुना बढ़ोतरी की गई है, जिससे प्रॉपर्टी बाजार अस्थिर हो गया है।
"इसका असर निवेश पर पड़ रहा है और रियल एस्टेट सेक्टर को नुकसान हो रहा है।
"पीएम हाउसिंग प्रोजेक्ट और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हम कलेक्टर गाइडलाइन की बढ़ोतरी पर आपत्ति दर्ज कराएंगे।"
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़े रेट?
- भोपाल के कुछ इलाकों में लगातार प्रॉपर्टी के दाम बढ़ रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- नीलबड़ और रातीबड़ क्षेत्र
- होशंगाबाद रोड की कॉलोनियां
- मीनल और अयोध्या नगर के आसपास की जमीनें
इन इलाकों में नए प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे जमीन की मांग बढ़ी है और रेट में वृद्धि देखी जा रही है।
नई गाइडलाइन से क्या होगा असर?
- प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
- रजिस्ट्री के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा।
- मकान और फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
- सस्ती आवासीय योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कलेक्टर गाइडलाइन में इस बढ़ोतरी से रियल एस्टेट बाजार में मंदी आ सकती है, जिससे आम आदमी के लिए घर खरीदना मुश्किल हो सकता है।
क्या कर सकते हैं आम नागरिक?
यदि किसी को कलेक्टर गाइडलाइन की प्रस्तावित बढ़ोतरी पर आपत्ति है, तो वह 19 मार्च तक पंजीयन विभाग में आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इन आपत्तियों पर क्या निर्णय लेता है और 1 अप्रैल से कितनी दरें लागू की जाती हैं।












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