“कुत्तों के विवाद से खूनखराबा!” भोपाल में महिलाओं पर तलवार से हमला, पुलिस ने 24 घंटे में दबोचे आरोपी
Bhopal Stray Dog: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आवारा कुत्तों को पकड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दो महिलाओं पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की कांता श्रवण कॉलोनी में हुई, जहां कॉलोनीवासियों द्वारा नगर निगम से आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायत की गई थी।
नगर निगम की टीम ने 17-18 फरवरी 2026 की रात कार्रवाई करते हुए कुत्तों को पकड़कर हटाया, लेकिन इस कार्रवाई से नाराज आरोपियों ने अगले दिन सुबह करीब 8:30 बजे कॉलोनी में घुसकर हमला कर दिया।

हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे कॉलोनी में तनाव और आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अयोध्या नगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह और अतिरिक्त डीसीपी गौतम सोलंकी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
- अशोक सिंह चौहान (55 वर्ष) - निवासी किरण नगर, पिपलानी, भोपाल। बी.कॉम शिक्षित, निलंबित शासकीय कर्मचारी। पूर्व में मारपीट व अन्य धाराओं के चार मामले दर्ज।
- नफीस अंसारी (28 वर्ष) - निवासी ग्राम मीरपुरा, तहसील आष्टा, जिला सीहोर। मजदूरी करता है और आरोपी के पेट्रोल पंप से जुड़ा बताया गया।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की तलवार बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में थाना अयोध्यानगर की टीम के साथ उप निरीक्षक, आरक्षक और साइबर सेल के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने इसे त्वरित और समन्वित कार्रवाई का परिणाम बताया।
जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में हिंसा, चाकूबाजी या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
कॉलोनी में राहत, लेकिन समस्या कायम
गिरफ्तारी के बाद कॉलोनी में स्थिति सामान्य हुई है और लोगों ने पुलिस की सराहना की है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान अभी भी जरूरी है। उनका सवाल है कि छोटी-छोटी शिकायतें आखिर हिंसक विवाद में क्यों बदल जाती हैं।
बड़ा सवाल
यह घटना शहर में आवारा पशुओं के प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि नगर निगम और पुलिस मिलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस योजना बनाएं।












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