Schools Closed: लू के तांडव से बच्चे परेशान! समय से पहले हुआ छुट्टियों का ऐलान, कब तक बंद रहेंगे स्कूल?
Schools Closed: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सूरज के तीखे तेवरों और आसमान से बरसती आग ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में हुई बेतहाशा वृद्धि और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने नागरिकों, विशेषकर स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चिलचिलाती धूप के कारण नौनिहालों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है।
भोपाल कलेक्टर द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, जिले के समस्त शासकीय और निजी विद्यालयों में नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन का यह कदम बच्चों को हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि इस भीषण तपिश में उन्हें राहत मिल सके।

सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नियम
प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि जिले की सीमा में आने वाले सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों पर समान रूप से प्रभावी होगा। इसमें सरकारी स्कूल, निजी शिक्षण संस्थान, सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूल, सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालय शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत
जहाँ छोटे बच्चों को राहत दी गई है, वहीं वरिष्ठ कक्षाओं के लिए नियम अलग हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल नियमित रूप से संचालित होंगे। इन छात्रों को अपनी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार विद्यालय पहुंचना होगा। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ को प्रतिदिन स्कूल पहुंचना अनिवार्य होगा।
आगे बढ़ सकती हैं छुट्टियां?
फिलहाल यह प्रतिबंध 30 अप्रैल तक के लिए लगाया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन मौसम विभाग की रिपोर्ट पर लगातार नजर बनाए हुए है। आदेश में संकेत दिए गए हैं कि यदि आने वाले दिनों में भी पारा नीचे नहीं गिरता और लू का प्रकोप जारी रहता है, तो छुट्टियों की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से अभिभावकों तक इस फैसले की जानकारी पहुंचाएं ताकि बच्चों को अनावश्यक परेशानी न हो।
ये भी पढ़ें:












Click it and Unblock the Notifications