संकट के समय गरीबों का पेट भरने वाला अफसर हुआ कोरोना पॉजिटिव, लक्षण तक नहीं दिखे थे
भोपाल। कोरोना वायरस की चपेट में आने से कोई नहीं बच पा रहा है। ना कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने वाले और ना ही संकट की इस घड़ी में जरूरतमदों की मदद करने वाला। मध्य प्रदेश में कई कोरोना योद्धा डॉक्टर, चिकित्साकर्मी और पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। अब इस सूची में एक ऐसा नाम भी शामिल हो गया है, जो गरीबों के लिए लॉकडाउन में किसी मसीहा से कम नहीं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल नगर निगम के नोडल अधिकारी शाहजनाबाद इलाके में दीनदयाल रसोई में तैनात थे। इनके जिम्मे लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही गरीबों को खाना बंटवाने का काम था। इस काम को बखूबी अंजाम देते देते ये अधिकारी खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए। अब इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के बाद अब नगर निगम भी सकते में है। अधिकारी को सेल्फ क्वारनटीन में जाने के लिए कहा गया है।
बता दें कि दीनदयाल रसोई में एक हजार से अधिक लोग रोजाना रियायती दर पर खाना खाने आते थे। इस रसोई में गरीबों के लिए भी खाने के पैकेट तैयार किए जाते थे। यह अधिकारी प्रतिदिन माता मंदिर क्षेत्र में निगम दफ्तर में जाया करता था और रसोई के लिए राशन की खरीद में भी शामिल था। संबंधित अधिकारी में कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे।
16 अप्रैल को उसका कोरोना वायरस टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट अब पॉजिटिव आई है। ऐसे में इनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि वो खाना बांटने और बनाने के काम से जुड़ा हुआ था और इसलिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में सामान्य से ज्यादा वक्त लग रहा है। निगम के अतिरिक्त निदेशक ने बताया कि कि दीन दयाल रसोई के करीब स्थित एक शेल्टर होम को सैनटाइज्ड कराया गया है। साथ ही रसोई को भी तत्काल बंद कर दिया गया है। इसके अलावा नगर निगम के 20 कर्मचारियों के सैंपल भी लिए गए हैं जो नियमित रूप से इस अधिकारी के संपर्क में थे।












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