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MP News: दतिया के इंदरगढ़ में भीम आर्मी का धीरेंद्र शास्त्री पुतला दहन, हिंदू संगठनों से झड़प,जानिए पूरा विवाद

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार (8 नवंबर 2025) दोपहर को धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता का एक ऐसा विवाद भड़का, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (ASP) के कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर धाम के प्रमुख आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने की कोशिश की, तो हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।

ग्वालियर चौराहे पर दोनों पक्षों के बीच तू-तू मैं-मैं से शुरू हुई यह झड़प पथराव तक पहुंच गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। झड़प में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें इंदरगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। कस्बे में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Bhim Army burns effigy of Dhirendra Shastri in Indargarh Datia Clash with Hindu organizations lathicharge

यह विवाद आचार्य शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' के खिलाफ दलित संगठनों के विरोध से जुड़ा है, जहां दामोदर यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आचार्य शास्त्री ने हरियाणा में कथा के दौरान चेतावनी दी, "हमें छेड़ा गया है तो हम छोड़ेंगे नहीं।" यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रही है, बल्कि राज्य में धार्मिक-राजनीतिक ध्रुवीकरण को नई हवा दे रही है। आइए, जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की पूरी दास्तां - विवाद की जड़ से लेकर पुलिस कार्रवाई, घायलों की हालत और भविष्य के खतरे तक।

इंदरगढ़ चौराहे पर जंग: भीम आर्मी का पुतला दहन, हिंदू संगठनों का विरोध - पथराव से लाठीचार्ज

शनिवार दोपहर करीब 2 बजे इंदरगढ़ के अंबेडकर पार्क से भीम आर्मी और ASP के लगभग 200 कार्यकर्ता, ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव के नेतृत्व में, रैली निकालकर ग्वालियर चौराहे पर पहुंचे। उनका मकसद आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन था, जो उनकी 'सनातन एकता पदयात्रा' के खिलाफ विरोध का प्रतीक था। लेकिन तय जगह से 25 फीट पहले ही कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंक दिया। उसी समय वहां मौजूद सनातन हिंदू संगठन के 70-80 कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। संगठन के नगर अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने कहा, "पंडित धीरेंद्र शास्त्री जात-पात मिटाने और सनातन एकता की बात करते हैं। हम संतों का पुतला जलने नहीं देंगे। विरोध करना है तो नेताओं का करें, संतों का नहीं।" जवाब में हिंदू संगठनों ने ASP नेता दामोदर यादव का पुतला जलाया।

देखते ही देखते दोनों पक्षों में तू-तू मैं-मैं हो गई। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों ने जातिगत गालियां दीं और कार्यक्रम में बाधा डाली। पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर शांत कराया, लेकिन तनाव थमा नहीं। कुछ देर बाद कार्यकर्ता इंदरगढ़ थाने पहुंचे, जहां FIR दर्ज करने की मांग की। थाने से लौटते समय दोनों गुटों का फिर आमना-सामना हुआ, और पथराव शुरू हो गया। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को खदेड़ा।

घायलों की हालत: 3 लोग जख्मी, इंदरगढ़ अस्पताल में भर्ती - तनावपूर्ण माहौल, भारी फोर्स तैनात

झड़प में तीन लोग घायल हो गए - दो भीम आर्मी कार्यकर्ता (केशव सिंह और रामू जाटव) और एक हिंदू संगठन का सदस्य (राम सिंह राठौर)। सभी को इंदरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया, "सभी की हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर हैं - सिर में चोट, हाथ-पैर में खरोंच।" पुलिस ने कस्बे में भारी फोर्स तैनात कर दी - 200 पुलिसकर्मी, 4 थाने की टीमें। कलेक्टर ने कहा, "शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे। दोनों पक्षों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली है।" कस्बे में तनाव है, दुकानें बंद, स्कूलों में छुट्टी।

विवाद की जड़: दामोदर यादव की हाईकोर्ट याचिका, धीरेंद्र शास्त्री पर गाली-धमकी का आरोप

यह विवाद आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' (7-16 नवंबर 2025, दिल्ली से वृंदावन) के खिलाफ दलित संगठनों के विरोध से जुड़ा है। ASP नेता दामोदर यादव ने हाल ही में जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें आरोप लगाया कि शास्त्री ने हरियाणा के एक कथा में उन्हें जातिगत गालियां दीं, धमकाया और यात्रा रोकने की मांग की। यादव ने कहा, "शास्त्री की यात्रा में गैर-हिंदू प्रवेश वर्जित है, जो संविधान विरोधी।" कोर्ट ने नोटिस जारी किया, लेकिन यात्रा जारी है।

केहव यादव ने इंदरगढ़ में पुतला दहन आयोजित किया, "शास्त्री ने दलितों का अपमान किया।" शास्त्री ने हरियाणा कथा में जवाब दिया, "हमें छेड़ा गया है तो हम छोड़ेंगे नहीं। भारत और संस्कृति को बचाने के लिए जातिवाद से ऊपर उठकर सनातन बनना होगा।" यह बयान विवाद को और भड़का दिया।

राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि: भीम आर्मी का दलित आंदोलन, हिंदू संगठनों का विरोध

भीम आर्मी (2015 में स्थापित) दलित अधिकारों के लिए सक्रिय है, चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में। MP में यह जातिगत भेदभाव के खिलाफ आंदोलन चलाती है। ASP (आजाद समाज पार्टी) भी दलित-वंचितों की पार्टी है। हिंदू संगठन (सनातन हिंदू संगठन) शास्त्री के समर्थक हैं, जो सनातन एकता पर जोर देते हैं। विवाद यात्रा के ब्रज क्षेत्र में 'गैर-सनातनी' प्रवेश पर है।

  • स्थानीय नेता ने कहा, "दतिया आदिवासी बहुल - तनाव बढ़ना खतरनाक।" पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया।
  • पुलिस कार्रवाई और भविष्य का खतरा: FIR दर्ज, तनाव कम करने की कोशिश
  • पुलिस ने दोनों पक्षों पर FIR दर्ज की - IPC धारा 147 (अवैध जमावड़ा), 323 (मारपीट), 427 (संपत्ति क्षति)। एसपी ने कहा, "शांति बनाए रखेंगे।" लेकिन यात्रा के दौरान और झड़पें संभव। शास्त्री ने अपील की, "शांति बनाए रखें।"
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