बाबू मस्तान ने भरा निर्दलीय फॉर्म, नरेला विधानसभा में चुनाव हुआ रोचक, जानिए क्यों बढ़ी कांग्रेस की धड़कनें
Bhopal News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी बाबू मस्तान ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी। दरअसल, बाबू मस्तान ने निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फार्म जमा कर दिया है। इसके बाद से इस क्षेत्र में नए समीकरण बनने शुरू हो गए।
क्यों चर्चाओं में हैं बाबू मस्तान
बाबू मस्तान को 2022 में हुए नगरी निकाय चुनाव में भाजपा ने अपना पार्षद प्रत्याशी बनाया था, लेकिन विरोध होने के चलते उनका टिकट काट दिया गया था। दरअसल बाबू मस्तान पर कई आपराधिक मामले दर्ज इसके चलते ही उनका टिकट काट दिया गया था। लेकिन बाबू मस्तान ने फिर निर्दलीय चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की बात भी कही थी।

पिछले कुछ दिनों पहले बाबू मस्तान का एक वीडियो भी वायरल हुआ था।वायरल वीडियो में बाबू मस्तान नरेला विधानसभा को पेरिस बनाने की बात कह रहे थे और चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस का सफाया करने की बात कर रहे थे।
कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की क्यों बड़ी चिंता
दरअसल, नरेला विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक वोटो की संख्या निर्णायक भूमिका में हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 99 हजार से ज्यादा है यानी कुल वोटरों की संख्या का 31% है और बाबू मस्तान अल्पसंख्यकों में खासा लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं। इसलिए यह माना जा रहा है कि नरेला में मुस्लिम वोटरों का ध्रुवीकरण हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो इससे कांग्रेस पर भाजपा की प्रत्याशियों को बड़ा झटका लग सकता है।
नरेला विधानसभा क्षेत्र में कुल वोटरों की बात करें तो, यहां पर 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के अनुसार 3,15741 मतदाता है। जिसमें st मतदाताओं की संख्या 5241 और ऐसी मतदाताओं की संख्या 35584 है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 11.27 प्रतिशत है। नरेला से वर्तमान में विश्वास सारंग विधायक हैं और शिवराज की भाजपा सरकार में मंत्री भी हैं। बाबू मस्तान के अलावा आम आदमी पार्टी से रईसा मलिक ने भी नामांकन फॉर्म भरा है।
वही इस बार कांग्रेस ने मनोज शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से नरेला विधानसभा क्षेत्र में कांटे की टक्कर देखी जा रही है। मनोज शुक्ला पिछले 10 सालों से इस विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास के मुद्दों को लेकर विश्वास सारंग को घेरते हुए आए हैं। वहीं स्थानीय मुद्दों की बात करें तो क्षेत्र में अभी भी सड़क और सफाई एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, जुआ, सट्टा अवैध कारोबार, इस क्षेत्र के प्रमुख चुनावी मुद्दे है।












Click it and Unblock the Notifications