Bhopal News: भोपाल में तलैया थाने में कंडम वाहनों की नीलामी, 10 वाहनों की बोली 1.30 लाख में पूरी
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के तलैया थाना परिसर में गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को कंडम वाहनों की नीलामी का आयोजन किया गया। इस नीलामी में 9 दोपहिया वाहनों (मोटरसाइकिलें) और एक तिपहिया वैन को शामिल किया गया। नीलामी की शुरुआत 28 हजार रुपये की आधार बोली से हुई और कुल 1.30 लाख रुपये में प्रक्रिया पूरी की गई।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) जोन-3, रियाज इकबाल ने बताया कि यह नीलामी थानों में जमा कबाड़ वाहनों को हटाने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। तलैया थाने के 10 वाहनों की नीलामी के साथ ही जोन-3 के अन्य थानों में भी चरणबद्ध तरीके से कंडम वाहनों की नीलामी की जाएगी। नीलामी के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

नीलामी का विवरण: 28 हजार से शुरू, 1.30 लाख में पूरी हुई बोली
तलैया थाने में आयोजित नीलामी में कुल 10 वाहनों को बेचा गया। इनमें 9 मोटरसाइकिलें और एक तिपहिया वैन शामिल थीं। नीलामी की आधार बोली 28 हजार रुपये रखी गई थी, जिसमें कई खरीदारों ने हिस्सा लिया। डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि बोली प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए सख्त नियमों का पालन किया गया। अंततः, सभी 10 वाहनों की नीलामी 1.30 लाख रुपये में पूरी हुई।
नीलामी में शामिल वाहन ज्यादातर पुराने और कबाड़ में तब्दील हो चुके थे, जो विभिन्न अपराधों, दुर्घटनाओं या जब्ती के मामलों में थाने में जमा थे। इन वाहनों को स्क्रैप के रूप में बेचा गया, और खरीदारों को इनका उपयोग केवल रीसाइक्लिंग के लिए करने की शर्त रखी गई।
पारदर्शिता और नियमों का पालन
नीलामी की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए कई कदम उठाए गए। डीसीपी रियाज इकबाल सहित जोन-3 के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे और प्रक्रिया की निगरानी की। डीसीपी ने कहा, "नीलामी की पूरी कार्रवाई पुलिस मैनुअल और संबंधित प्रावधानों के तहत संपन्न की गई। हमारा उद्देश्य था कि किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।"
बोली लगाने वालों के लिए पहले से पंजीकरण अनिवार्य था, और सभी वाहनों की स्थिति को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था। नीलामी से प्राप्त 1.30 लाख रुपये की राशि को सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। डीसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि नीलाम किए गए वाहनों का उपयोग सड़कों पर नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये स्क्रैप के लिए बेचे गए हैं।
कबाड़ वाहनों की समस्या: थानों में जगह की कमी
भोपाल के विभिन्न थानों में सैकड़ों कंडम वाहन जमा हैं, जो जगह घेरने के साथ-साथ थाना परिसर की स्वच्छता और प्रबंधन को प्रभावित करते हैं। ये वाहन आमतौर पर चोरी, दुर्घटना, या अन्य अपराधों से संबंधित मामलों में जब्त किए जाते हैं। कई बार मालिक इन वाहनों को दावा करने नहीं आते, जिसके कारण ये कबाड़ में बदल जाते हैं।
डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया, "थानों में जमा कबाड़ वाहन न केवल जगह घेरते हैं, बल्कि रखरखाव और सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौती बनते हैं। समय-समय पर ऐसी नीलामी आयोजित की जाती है ताकि थाना परिसर को व्यवस्थित रखा जा सके और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो।"
जोन-3 में चरणबद्ध नीलामी की योजना
तलैया थाने की नीलामी को जोन-3 के अन्य थानों में कंडम वाहनों के निपटारे की शुरुआत माना जा रहा है। जोन-3 में गोविंदपुरा, मिसरोद, कोलार, शाहजहांनाबाद, और हनुमानगंज जैसे थाने शामिल हैं, जहां भी बड़ी संख्या में कबाड़ वाहन जमा हैं। डीसीपी ने बताया कि इन थानों में भी जल्द ही नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने कहा, "हमने एक समयबद्ध योजना तैयार की है, जिसके तहत जोन-3 के सभी थानों में पड़े कंडम वाहनों को बारी-बारी से नीलाम किया जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल थानों को व्यवस्थित करेगी, बल्कि सरकारी खजाने में अतिरिक्त आय भी लाएगी।"
भोपाल में कबाड़ वाहनों का आंकड़ा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोपाल के विभिन्न थानों में औसतन 500 से अधिक कंडम वाहन जमा हैं। इनमें दोपहिया, तिपहिया, और कुछ चार पहिया वाहन शामिल हैं। हर साल लगभग 200-300 वाहनों की नीलामी की जाती है, जो ज्यादातर स्क्रैप डीलरों को बेचे जाते हैं। ये डीलर वाहनों को रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग करते हैं, जिससे धातु और अन्य सामग्री का पुनर्चक्रण होता है।
तलैया थाने की नीलामी में शामिल वाहनों की स्थिति इतनी खराब थी कि इन्हें सड़क पर चलाने योग्य नहीं माना गया। इसलिए, इन्हें स्क्रैप के रूप में ही बेचा गया। डीसीपी ने बताया कि नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग पुलिस विभाग के कल्याणकारी कार्यों और प्रशासनिक खर्चों में किया जाएगा।
सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव
कंडम वाहनों की नीलामी न केवल थाना परिसर को व्यवस्थित करती है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पुराने वाहनों को रीसाइक्लिंग के लिए भेजने से कचरे का प्रबंधन होता है और धातु जैसे संसाधनों का पुनर्जनन संभव होता है। इसके अलावा, थाना परिसर में कबाड़ वाहनों के हटने से स्वच्छता और सुरक्षा में सुधार होता है।
स्थानीय निवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है। तलैया के निवासी रमेश सक्सेना ने कहा, "थाने में पुराने वाहन जमा होने से परिसर गंदा और अव्यवस्थित लगता था। नीलामी से यह जगह साफ होगी और पुलिस के लिए काम करना आसान होगा।"
नीलामी की प्रक्रिया में चुनौतियां
हालांकि नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की कोशिश की गई, लेकिन कई बार ऐसी प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की आशंका रहती है। कबाड़ वाहनों की बोली में कम राशि मिलने या कुछ खरीदारों को अनुचित लाभ देने की शिकायतें अतीत में सामने आ चुकी हैं। लेकिन तलैया थाने की इस नीलामी में अधिकारियों ने सख्ती बरती और किसी भी तरह की शिकायत से बचने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।












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