उपचुनाव में व्यापमं तोड़ देगा भ्रम या शिवराज की बोलेगी तूती
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव जारी हैं। अब देखना है कि व्यापमं और भ्रष्टाचार इस बार शिवराज गढ़ को दिग्गी गढ़ में बदल देगा या फिर शिवराज की तूती फिर से बोलेगी। तीन विधानसभा सीटें इस बार कांग्रेस के लिए जितनी महत्वपूर्ण हैं, भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण इसलिए हैं कि भाजपा बीते लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके आई है। जिसके बाद भाजपा यह कतई नहीं होने देना चाहती है कि वह मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में थोड़ी सी भी कमतर साबित हो। आखिर, इस बार भाजपा की साख बने रहने का भी सवाल है।

मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार की नाक के नीचे व्यापमं घोटाला हुआ है जिसके बाद पूरी प्रदेश में यूवाओं को खासी ठेस पहुंची है। जिससे संभव हो सकता है कि युवा वोट शिवराज की झोली से कटकर झल्लाहट में कांग्रेस की झोली में जा गिरे। इसके अलावा काफी समय से मध्य प्रदेश की जनता विकल्प की तलाश में भी है।
परीक्षा है शिवराज के लिए
कुछ भी हो लेकिन यह तो कहा ही जा सकता है कि यह उपचुनाव शिवराज के लिए एक परीक्षा भी है। क्योंकि शिवराज के राज की तुलना हमेशा से ही नरेंद्र मोदी के शासन काल से होती आई है। ऐसे में अगर शिवराज का जादू इन तीन सीटों पर नहीं चल पाया तो हो सकता है कि भाजपा में शिवराज का कद छोटा कर दिया जाए।
मतदान अपडेटः
मध्य प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव जारी है। मतदान गुरुवार सुबह से शुरू हो चुका है। अभी तक कोई शांति भंग की खबर नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार की ओर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं इस उपचुनाव में पच्चीस उम्मीदवारों का भाग्य तय होने जा रहा है। वजयराघवगढ़ और बहोरीबंद में दस-दस उम्मीदवार मैदान में उतारे गए हैं। वहीं आगर में पांच उम्मीदवाद उतारे गए हैं। तीन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शाम छह बजे तक चलना है तो वहीं












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