अशोकनगर: तारवाले बालाजी मंदिर में महिलाओं को सिर ढंकने पर ही मिलेगा प्रवेश, हाफ पेंट व लोअर पहनने पर नो एंट्री
Ashoknagar News: मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में स्थित प्राचीन तारवाला बालाजी मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल यहां श्रद्धालु के प्रवेश को लेकर नियम बनाए गए हैं। इस नियम के तहत महिलाओं को अब साड़ी या चुनरी से सिर ढंकने पर ही प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा हाफ पेंट, कैपरी वालों व लोअर पहने लोग मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
तारवाले बालाजी मंदिर में प्रवेश को लेकर बनाए बनाए गए नियमों को लेकर एक अपील बोर्ड भी लगाया गया है। हालांकि मंदिर में प्रवेश को लेकर फिलहाल सख्ती नहीं की गई है। दरअसल पिछले माह एक बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने देवस्थान, मंदिर, पूजा घर आदि धार्मिक स्थलों में मर्यादित वस्त्र पहने हुए श्रद्धालुओं को ही प्रवेश देने के संबंध में निर्णय लिया था। इसके बाद सर्व समाज के लोगों ने बालाजी मंदिर पर बोर्ड लगा दिया था।

करीब डेढ़ सौ साल पुराने इस तारवाले बालाजी मंदिर में मंगलवार और शनिवार को भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे अब मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को अब अपने पहनावे पर विशेष ध्यान देना होगा।
कुछ लोग मंदिर में मर्यादाओं का करते हैं उल्लंघन
सर्व समाज के निर्णय के संबंध में जिंद बाबा समिति के अध्यक्ष व समाजसेवी महेंद्र भारद्वाज का कहना है कि वैसे तो मंदिर में लोग मर्यादित वस्त्र पहन कर ही आते हैं। कुछ लोग में जो भगवान के समक्ष आने में मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर ही मंदिर परिसर में बोर्ड लगाया गया है और अपील की गई है। उन्होंने कहा है कि श्रद्धालुओं को सभी मंदिरों में इसी तरह मर्यादा में प्रवेश करना चाहिए।
इंदौर के मंदिर में भी ड्रेस संबंधी दिशा-निर्देश जारी
देश के कई मंदिरों में दर्शन के लिए ड्रेस कोड लागू है। इसी कड़ी में इंदौर के तिरुपति बालाजी वेंकटेश देवस्थान गुमास्ता नगर में भी भक्तों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर और भीतर दो नोटिस बोर्ड लगाए गए इन पर लिखा है कि सभी महिला पुरुष मंदिर परिसर में मर्यादित वस्त्र पहनकर आएं। छोटे वस्त्र जैसे हाफ पैंट बरमूडा मिनी स्कर्ट नाइट सूट कटी फटी जींस पहने लोगों को बाहर से ही दर्शन करने होंगे ट्रस्टी पुरुषोत्तम पाराशरी और मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि लोग मंदिर परिसर में मर्यादा का पालन करें, इसलिए यह कदम उठाया गया है। अनुशासित पहनावे के निर्देश नोटिस बोर्ड पर लगाए गए हैं।












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