UPSC में चयनित होने के बाद रखना होगा दृष्टि का विशेष ध्यान : सीएम शिवराज
भोपाल में UPSC में एमपी से चयनित युवाओं के सम्मान में आयोजित सफलता के मंत्र कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान ने सफलता अर्जित करने वाले मध्यप्रदेश के होनहार युवाओं को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
भोपाल,20 अगस्त। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रवींद्र भवन सभागार, भोपाल में UPSC में एमपी से चयनित युवाओं के सम्मान में आयोजित सफलता के मंत्र कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कड़ी मेहनत और मजबूत आत्मबल से सफलता अर्जित करने वाले मध्यप्रदेश के होनहार युवाओं को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सीएम चौहान ने 'मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम' पुस्तिका और 'सफलता के सोपान' नामक पुस्तिका का विमोचन किया।

सीएम चौहान ने कहा मध्यप्रदेश देश का दिल है आपने मध्यप्रदेश का दिल जीत लिया है। उन्होंने कहा यूपीएससी परीक्षा में चयनित होने के बाद दृष्टिकोण का विशेष ध्यान रखना होगा। आप प्रदेश और देश की जनता का भविष्य बना सकते हो, जिंदगियां बदल सकते हो इसलिए हमेशा बड़े लक्ष्य के लिए काम करना है। प्रदेश और देश के नव-विकास का दृष्टिकोण रखना है। दिन और रात परिश्रम की पराकाष्ठा कर ऐसा काम करना है कि दुनिया देखती रह जाए।
स्वामी विवेकानंद के शब्द मेरे कानों में गूंजते : CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के शब्द मेरे कानों में गूंजते हैं कि मनुष्य केवल साढ़े तीन हाथ का हाड़-मांस का पुतला नहीं है, ईश्वर का अंश, अनंत शक्तियों का भण्डार है। दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जो मनुष्य नहीं कर सकता है। सीएम शिवराज ने कहा कि दुष्यंत कुमार ने कहा था कि कौन कहता है आसमान में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। जब तय करके कड़े परिश्रम पूर्वक प्रयत्न करेंगे, रोडमैप बनाएंगे, तो सफलता जरूर कदम चूमेगी।
कारम बांध डैम को लेकर दिया बयान
वहीं कारम बांध डैम को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पिछले दिनों धार के निर्माणाधीन कारम बांध से पानी रिसने जैसी चुनौती हम सबके समक्ष आई। मैं और मेरी टीम ने डटकर और धैर्य के साथ काम किया। कितनी भी मुसीबत आए कभी धौर्य मत खोना, उत्साह से भरे रहना।
सीएम शिवराज ने कहा कि मेरे बच्चों, अपनी रुचि का क्षेत्र चुनों और पूरी सामर्थ्य के साथ प्रयास करो। मुझे विश्वास है कि आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकेगा। गरीब बेटा-बेटी का एडमिशन मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी, आईआईएम में होता है तो फीस माता-पिता नहीं, राज्य सरकार भरेगी।












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