Budget 2024: वित्त मंत्री की घोषणा के बाद भोपाल की स्व सहायता समूह की महिलाएं खुश, बोली-कई दीदियां बन गई लखपति
Bhopal Budget News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चुनावी साल में अंतरिम बजट पेश करते हुए देश की महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने भाषण में बताया कि लखपति दीदी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनना होगा। वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद से ही प्रदेश और राजधानी भोपाल में स्व सहायता समूह की महिलाएं खुश दिखाई दी।
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य बसंती बाई ने बताया कि मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को लगातार सशक्त किए जाने के लिए, जो योजनाएं चलाई जा रही है। उनसे महिलाओं को काफी फायदा मिल रहा है। हमारे समूह में भी कई महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। उनके समूह में सलमा बी और कलपना का ने ये काम कर दिखाया है।

हुजूर विधानसभा की पंचायत खजूरी कला की रहने वाली स्वसहायता समूह की महिला सदस्य बिछिया बाई ने बताया कि पहले वह घर का छोटा-मोटा काम करके पति के भरोसे अपना घर चलाती थी लेकिन सो सहायता समूह से जुड़ने के बाद वह अपने मनपसंद का काम करके अपने घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है।
भोपाल में 3 हजार 113 समूहों से जुड़कर 46 हजार से अधिक दीदीयां बन रही हैं आत्म निर्भर
जिला भोपाल में 3 हजार 113 से अधिक स्व-सहायता समूह की लगभग 46 हजार से अधिक दीदीयां अपना भविष्य खुद गढ़ रही हैं। समूह से जुड़ने के पहले या तो अधिकतर महिलाएं केवल घर का काम करती थी। इसके अलावा कुछ महिलाएं छोटे-मोटे काम करके अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण करती थी।

स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के बाद दीदियों ने अपने-अपने लगाव और हुनर के अनुरूप काम को चुनकर अपना भविष्य स्वयं संवार रही हैं। कोई सिलाई, कढ़ाई, बुनाई या तक की जैविक खेती करके स्वयं ताजा सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं बल्कि कुछ तो व्यवसायिक रूप से विक्रय भी कर रही है।
मध्यप्रदेश डे राज्य आजीविका मिशन की जिला परियोजना अधिकारी रेखा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त मंत्री ने जो घोषणा की है, उसका हम स्वागत करते हैं। अगर भोपाल जिले की बात करे तो यहां 7 से 8 हजार महिलाओं को पोषण युक्त सब्जियों का उत्पादन जैविक खाद निर्माण के लिए पोषण सखी का प्रशिक्षण क्लस्टर स्तर पर, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से दिया जा रहा है जिसके माध्यम से स्व-सहायता समूहों की दीदीयां घर के आंगन में ही पोषणयुक्त सब्जियों का उत्पादन कर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ-साथ स्वंय को आत्मनिर्भर भी बना रही है।
दीदियां विभिन्न पोषणयुक्त सब्जियों जैसे गाजर, मूली, लौकी, भिंडी इत्यादि का उत्पादन कर व्यावसायिक विक्रय भी कर रही है जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है साथ ही परिवार को भी ताजा सब्जियां मिल रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोपाल जिले में 75 से अधिक पोषण सखी मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य कर रही है।












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