Bhind News: प्रशासन ने नेताओं की तरह 10 शिक्षकों को किया नजरबंद, नकल रोकने के लिए प्रयास
12वीं के अंग्रेजी पेपर की परीक्षा में करीब अंग्रेजी विषय के शासकीय और अशासकीय विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को रेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया है।

मध्यप्रदेश के भिंड जिले से हैरान कर देने वाला यह मामला सामने आया है। दरअसल पुलिस-प्रशासन ने नकल कराने के आरोप में 10 शिक्षकों को एक जगह इकट्ठा कर नजरबंद कर दिया। मध्य प्रदेश में इस समय 10वीं और 12वीं की परीक्षा चल रही है और ये 10 शिक्षक एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों को नकल कराने के लिए पूरे भिंड जिले में बदनाम हैं। पुलिस का आरोप है कि शिक्षक बच्चों को पास कराने के लिए ठेका लेते हैं।
दरअसल भिंड जिला हमेशा से नकल के लिए बदनाम रहा है। यहां नकल रोकने का हर संभव प्रयास किया गया है। लेकिन नकल माफिया कोई न कोई जुगाड़ निकाल कर प्रशासन के आंखों में धूल झोंकने का काम करते थे।इसलिए इस बार प्रशासन ने 10 ऐसे शिक्षकों की पहचान की है। जो प्रतिवर्ष एमपी बोर्ड में नकल करने के लिए बदनाम हो चुके हैं। उन्हें सर्किट हाउस बुलाया गया और नजरबंद कर दिया गया। जिला प्रशासन ने शनिवार को हुए 12वीं कक्षा के अंग्रेजी के पेपर में नकल रोकने का प्रयास किया है।
जिला प्रशासन द्वारा नकल माफिया के रूप में जिन 14 शिक्षकों की पहचान की गई है, उनमें से 09 प्राइवेट हैं और 1 सरकारी शिक्षक भी है। शिक्षक बार-बार खुद को नजरबंद नहीं करने की बात कहते रहे। लेकिन प्रशासन ने पुष्टि की कि उन्हें नजरबंद किया गया है।
भिंड एसडीएम उदय सिंह सिकरवार भी टीचरों से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे और यहां उन्होंने टीचरों से सहयोग करने की अपील की। एसडीएम उदयसिंह सिकरवार ने जानकारी दी कि प्रमुख पेपर जैसे इंग्लिश, मैथ्स, फिजिक्स और अन्य प्रमुख पेपरों में नकल रोकने का प्रयास किया जाता है। फिलहाल सभी 10 टीचरों सर्किट हाउस में नजरबंद हैं।












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