सिंगरौली: गिधेर गांव में घुसा मगरमच्छ, ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने किया रेस्क्यू

सिंगरौली, 20 सितंबर। बड़ी-बड़ी नदियों और तालाबों में पाये जाने वाले मगरमच्छ अब किसानों के खेतों में मिल रहे हैं। जिले के गिधेर गांव में युवकों को खेत में काम करते समय लगभग 5 फीट लंबा एक मगरमच्छ दिखा। जिसे ग्रामीणों के मदद से वन विभाग के कर्मचारियों ने 6 घंटे रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर सोन अभ्यारण क्षेत्र में सोन नदी में छोड़ दिया गया।

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    सिंगरौली: गिधेर गांव में घुसा मगरमच्छ, ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने किया रेस्क्यू
    ग्रामीणों के मदद से रेस्क्यू कर सोन नदी में छोड़ा गया

    ग्रामीणों के मदद से रेस्क्यू कर सोन नदी में छोड़ा गया

    जिले के ग्राम पंचायत गिधेर क्षेत्र के खेतों में भटक रहे लगभग 5 फिट लंबे मगरमच्छ को वन विभाग ने देर रात 1 ऑपरेशन में ग्रामीणों के मदद से पकड़ लिया। मगरमच्छ को सोन अभ्यारण में सुरक्षित छोड़ दिया। गांव वालों ने जानकारी देते हुए बताया बरगवां वन परिक्षेत्र के हम पंचायत क्षेत्र गिधेर किसानों के खेत में मगरमच्छ को देखा। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग तुरंत मगरमच्छ के बारे में सतर्क हो गया। सोन अभ्यारण कर्मचारियों से संपर्क कर बचाव अभियान चलाने में उनकी विशेषज्ञ सहायता के लिए कहा।

    मगरमच्छ को देखने के लिए लगा हुजूम

    मगरमच्छ को देखने के लिए लगा हुजूम


    सोन अभ्यारण के कर्मचारियों ने सिंगरौली जिले के बरगवां क्षेत्र में जगह तक पहुंचने के लिए लगभग 85 किलोमीटर की दूरी तय की। इस बीच मगरमच्छ की 1 झलक पाने के लिए खेत के चारों ओर हुजूम का मेला लग गया था। कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया कि लोगों और मगरमच्छ के बीच एक सुरक्षित दूरी बनी रहे। इस बात को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की कर्मचारियों ने बचाव अभियान को सुरक्षित रूप से अंजाम दिया।

    जरूरी उपकरण के साथ पहुंची थी टीम

    जरूरी उपकरण के साथ पहुंची थी टीम

    जरूरी उपकरण लेकर अच्छी तैयार के साथ आई थी। 5 घंटे रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर सोन अभ्यारण क्षेत्र में सोन नदी में छोड़ दिया गया।

    रेस्क्यू करते समय रखनी पड़ती है सावधानियां

    रेस्क्यू करते समय रखनी पड़ती है सावधानियां

    वन विभाग के डीएफओ मधु राज ने जानकारी देते हुए बताया कि मगरमच्छ जैसे खतरनाक व शक्तिशाली जानवरों से निपटने के दौरान हमारे बचाव दल को किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। यह आवश्यक है कि हम जंगली जानवरों की उपस्थिति के प्रति संवेदनशील रहे। हम इंसान और जानवरों की संघर्ष स्थितियों को कार्य करने में वन विभाग और प्रदेश सरकार की सहायता करके प्रसन्न हैं। बचाव कार्य सफल रहा और हम मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक स्थान में लौटते हुए देख कर खुश हैं।

    बीते दिनों मझगांव में मगरमच्छ की की गई थी पूजा पाठ

    बीते दिनों मझगांव में मगरमच्छ की की गई थी पूजा पाठ

    सिंगरौली जिले के मझगांव गांव में अचानक कोलाहल का महौल बन गया, जब 18 सितंबर को यहां 1 जिंदा मादा मगरमच्छ आ गया, लेकिन सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात रही वहां की महिलाओं ने साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप मानकर मादा मगरमच्छ को नारियल चुनरी चढ़ाकर पूजा-पाठ करना शुरू कर दिए था।

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