Bhopal News: बिग बॉस का सपना दिखाकर भोपाल में 10 लाख की ठगी, फिल्मी अंदाज में जालसाजों ने बुना जाल!
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। टीवी के चर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस' में बैकडोर एंट्री का लालच देकर एक मशहूर डॉक्टर से 10 लाख रुपये ठग लिए गए। यह घटना चूनाभट्टी थाना क्षेत्र की है, और पुलिस अब इस मामले की गहन जांच में जुटी है।
जालसाजों ने फिल्मी स्टाइल में अपने शिकार को फंसाया और कई किश्तों में पैसे ऐंठे। आइए, जानते हैं इस ठगी की पूरी कहानी।

सपनों का झांसा: बिग बॉस में एंट्री का लालच
भोपाल के जाने-माने डर्मेटोलॉजिस्ट और पॉइजन स्किन क्लिनिक के संचालक डॉ. अभिनीत गुप्ता को 3 अक्टूबर 2022 से 5 जुलाई 2023 के बीच ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान उनकी मुलाकात करण सिंह नाम के एक शख्स से हुई, जिसने खुद को इवेंट डायरेक्टर बताते हुए दावा किया कि उसके बड़े प्रोडक्शन हाउसेज से गहरे रिश्ते हैं। करण ने डॉ. गुप्ता को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें बिग बॉस जैसे हाई-प्रोफाइल रियलिटी शो में बैकडोर एंट्री दिला सकता है।
डॉ. गुप्ता, जो टीवी की चकाचौंध और बिग बॉस की लोकप्रियता से प्रभावित थे, इस लालच में आ गए। करण सिंह ने उनसे कास्टिंग टीम से मीटिंग, ऑडिशन की तैयारी और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर कई किश्तों में 10 लाख रुपये वसूल लिए। लेकिन जब बिग बॉस की आधिकारिक कंटेस्टेंट लिस्ट जारी हुई और डॉ. गुप्ता का नाम उसमें नहीं था, तो उन्हें ठगी का शक हुआ।
फिल्मी अंदाज में ठगी: जालसाजों की चालाकी
करण सिंह ने डॉ. गुप्ता को भरोसा दिलाने के लिए एक के बाद एक झूठ का जाल बुना। पहले तो उन्होंने दावा किया कि उनकी एंट्री "बैकडोर प्रोसेस" के जरिए होगी, लेकिन जब यह भी नहीं हुआ, तो डॉ. गुप्ता ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इसके बाद करण ने फोन कॉल्स उठाने बंद कर दिए और अंततः अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया। इस ठगी की स्क्रिप्ट इतनी चालाकी से लिखी गई थी कि पीड़ित को लंबे समय तक भनक भी नहीं लगी।
जब डॉ. गुप्ता को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने चूनाभट्टी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत करण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच में पता चला कि जालसाज ने डॉ. गुप्ता को कई बार कास्टिंग डायरेक्टर्स और प्रोडक्शन हाउस के कथित प्रतिनिधियों से बातचीत का भरोसा दिलाया, जो सब फर्जी थे।
पुलिस की कार्रवाई: जालसाज की तलाश तेज
चूनाभट्टी पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी है। पुलिस को संदेह है कि करण सिंह अकेले नहीं, बल्कि एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि जालसाज ने पीड़ित से कई किश्तों में पैसे लिए, जिसके लिए अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इन खातों की डिटेल्स और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि जालसाज तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि इस तरह की ठगी के मामले भोपाल में बढ़ रहे हैं, जहां लोग टीवी और मनोरंजन जगत की चमक-दमक के लालच में आसानी से फंस जाते हैं। साइबर क्राइम ब्रांच को इस मामले में तकनीकी सहायता के लिए शामिल किया गया है, और जल्द ही जालसाजों तक पहुंचने की उम्मीद है।
भोपाल में साइबर ठगी का बढ़ता खतरा
यह घटना भोपाल में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का एक और उदाहरण है। हाल के वर्षों में, साइबर ठग लोगोें को तरह-तरह के लालच देकर ठग रहे हैं। चाहे वह ऑनलाइन जॉब का झांसा हो, डिजिटल अरेस्ट का डर हो, या फिर रियलिटी शो में एंट्री का सपना। 2021 से 2025 तक मध्य प्रदेश में 1054 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई, जिसमें से केवल 1.94 करोड़ रुपये ही रिकवर हो पाए। यह आंकड़ा पुलिस की साइबर विंग की कमजोरी को उजागर करता है।
लोगों को सावधान रहने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि साइबर ठग कितने शातिर हो सकते हैं। वे न केवल पीड़ितों की कमजोरियों को भांप लेते हैं, बल्कि उनकी महत्वाकांक्षाओं का भी फायदा उठाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या कॉल पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें, ताकि ठगी की राशि को होल्ड करने में मदद मिल सके।












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