जानिए भिंड में थप्पड़ बाज कलेक्टर का VIDEO कैसे हुआ वायरल, IAS संजीव श्रीवास्तव ने छात्र को जड़े थे तमाचे
MP Bhind News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की एक शर्मनाक हरकत ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया है। 1 अप्रैल 2025 को दीनदयाल डंगरौलिया महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की गणित परीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीवास्तव ने एक छात्र रोहित राठौर को तमाचे जड़ दिए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, और अब तीन महीने बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस वीडियो ने न केवल कलेक्टर की गुंडई को उजागर किया, बल्कि प्रशासनिक व्यवहार, छात्रों के अधिकार, और परीक्षा केंद्रों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही है, जबकि कांग्रेस ने इसे BJP सरकार की नाकामी करार दिया है। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट

वायरल वीडियो: कलेक्टर ने छात्र को बेरहमी से पीटा
1 अप्रैल 2025 को भिंड के दीनदयाल डंगरौलिया महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की गणित परीक्षा चल रही थी। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, जो भिंड जिला मजिस्ट्रेट हैं, उन्हे नकल की शिकायत मिली थी। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि श्रीवास्तव परीक्षा हॉल में एक प्रश्नपत्र लेकर पहुंचे और रोहित राठौर नामक छात्र से सवाल-जवाब शुरू किया। अचानक, बिना किसी चेतावनी के, उन्होंने रोहित को उसकी कुर्सी से खींचकर बाहर निकाला और कई थप्पड़ जड़ दिए।
एक अन्य वीडियो में, श्रीवास्तव रोहित को कॉलेज के स्टाफ रूम में ले जाते दिखे, जहां उन्होंने फिर से उससे सवाल किया, "तुम्हारा प्रश्नपत्र कहां है?" और दो और थप्पड़ मारे। रोहित ने बताया कि इस मारपीट से उनके कान में चोट आई है, और उन्होंने NDTV से कहा, "वह IAS अधिकारी हैं, इसलिए मैं डर के मारे कुछ बोल नहीं पाया।"
कलेक्टर का दावा: नकल की साजिश को रोकने की कार्रवाई
संजीव श्रीवास्तव ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें नकल की साजिश की सूचना मिली थी। TOI से बातचीत में उन्होंने दावा किया, "हमें सूचना मिली थी कि कॉलेज में सामूहिक नकल हो रही है। हम वहां पहुंचे, लेकिन सब कुछ सामान्य दिख रहा था। केवल इस छात्र के पास प्रश्नपत्र नहीं था। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि उसने प्रश्नपत्र बाहर भेजा था और जवाबों को वापस लाकर दूसरों को बांटने वाला था।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवाजी विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर इस कॉलेज को परीक्षा केंद्र के रूप में हटाने की सिफारिश की है।"
रोहित राठौर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "मैंने नकल नहीं की थी। मुझे सप्लीमेंट्री मिली है, और मुझे फिर से परीक्षा देनी पड़ेगी।" उन्होंने यह भी बताया कि मारपीट के बाद उनके कान में दर्द हुआ, लेकिन वे डर के कारण कुछ नहीं बोल पाए।
भिंड में नकल की समस्या: चंबल क्षेत्र का पुराना मुद्दा
भिंड और मुरैना जैसे चंबल क्षेत्र के जिले लंबे समय से परीक्षा में सामूहिक नकल की खबरों के लिए कुख्यात रहे हैं। दीनदयाल डंगरौलिया महाविद्यालय, जो नारायण डंगरौलिया (कांग्रेस के उपनेता हेमंत कटारे के ससुर) का है, पहले भी नकल के मामलों में चर्चा में रहा है। कलेक्टर श्रीवास्तव ने दावा किया कि यह कॉलेज नकल का गढ़ बन गया है, और उनकी कार्रवाई इसका एक हिस्सा थी।
पर्यावरण और शिक्षा विशेषज्ञ डॉ रमेश ठाकुर ने कहा, "भिंड में नकल की समस्या पुरानी है, लेकिन इसका समाधान हिंसा नहीं है। कलेक्टर का यह व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि यह प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग भी है।"
संजीव श्रीवास्तव का विवादित इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब संजीव श्रीवास्तव विवादों में घिरे हैं। फरवरी 2025 में ग्वालियर हाई कोर्ट ने PWD से संबंधित एक मामले में उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और कहा था, "मुख्य सचिव को तय करना चाहिए कि क्या ऐसा अधिकारी फील्ड में रहना चाहिए।"
इसके अलावा, भिंड में तैनात तहसीलदार माला शर्मा ने श्रीवास्तव और SDM पराग जैन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, "यदि मेरे साथ कुछ हुआ, तो इसके लिए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और गोहद SDM पराग जैन जिम्मेदार होंगे।" माला शर्मा ने दावा किया कि भूमि माफियाओं से करोड़ों की जमीन छुड़ाने के बाद उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिक्रिया: सख्त कार्रवाई का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से सांसद हैं, ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने भिंड कलेक्टर से फोन पर बात की और मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस मामले की जांच की मांग की।
विपक्ष का हमला: "BJP सरकार में गुंडई चरम पर"
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को BJP सरकार की नाकामी से जोड़ा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "लोकतंत्र में कलेक्टर का काम शिक्षित करना है, आतंकित करना नहीं। भिंड कलेक्टर की गुंडई BJP सरकार की कार्यशैली को दर्शाती है। क्या यह IAS अधिकारी का व्यवहार है?"
कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा, "भिंड में नकल की समस्या पुरानी है, लेकिन इसका समाधान हिंसा नहीं है। सरकार को कलेक्टर को तुरंत निलंबित करना चाहिए।"
भिंड में अन्य घटनाएं: प्रशासन पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। भिंड में सिंध नदी के उफान ने कई गांवों को डुबो दिया है, और 216 करोड़ रुपये के PWD प्लान की विफलता ने सड़कों को और खराब कर दिया है। कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता नाभा की मृत्यु और एटा में कांवड़ियों के हादसे ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।












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