एम-सील और फेवीक्विक से भी खाली हो सकता है आपका खाता, रहिए सावधान
भिंड में एम-सील और फेनीक्विक का उपयोग करके बना लेते थे अंगूठे का क्लोन, भोले भाले लोगों के खाते से निकाल लेते थे रुपए, तरीका जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान, इस तरह की ठगी से आप भी रहिए सावधान
भिंड, 1 अक्टूबर। एम-सील लीकेज को जोड़ने के काम आता है और फेविक्विक टूटे हुए को चिपकाने के काम आता है लेकिन इन दोनों का संयुक्त प्रयोग खाता खाली करने के काम में भी आता है। आपको सुनकर यह हैरानी जरूर हो रही होगी लेकिन चंबल के भिंड जिले में ऐसा ही हो रहा है जहां कुछ शातिर ठागों द्वारा एम-सील और फेविक्विक का इस्तेमाल करके लोगों के खाते खाली किए जा रहे हैं।

कृपाल सिंह नाम के शख्स ने की थी अपने साथ हुई ठगी की शिकायत
भिंड जिले के पिड़ौरा गांव के रहने वाले कृपाल सिंह ने पिछले दिनों पुलिस के पास जाकर इस बात की शिकायत की थी कि उसके खाते से ₹49000 निकल गए हैं। खास बात यह है कि कृपाल सिंह के पास ठगी करने के लिए कोई फोन भी नहीं आया था। बिना किसी लिंक या फोन कॉल के की गई इस ठगी को लेकर पुलिस एक्टिव हो गई।

शराब के नशे में अंगूठा लगाने की बताई बात
कृपाल सिंह से जब पुलिस ने विस्तार से पूछताछ की तो कृपाल सिंह ने बताया कि उसने एक बार एक ढाबा पर शराब पी थी और यहीं पर शराब के नशे में उसके अंगूठे का निशान ऐंहतार गांव के अंसार अली ने ले लिया था लेकिन उस बात को 1 साल का वक्त बीत चुका था।

अंसार का नाम सामने आते ही पुलिस ने किया अंसार को गिरफ्तार
अंसार का नाम सामने आते ही पुलिस ने सबसे पहले अंसार को गिरफ्तार किया और सख्ती के साथ उससे पूछताछ की। पूछताछ में अंसार ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए। अंसार के बताए अनुसार पुलिस ने अंसार के दो साथी मनोज और संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया।

ठगी का तरीका सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान
पुलिस ने जब अंसार और उसके साथियों से पूछताछ की तो ठगी का जो तरीका इन तीनों ने बताया उसे सुनकर भी पुलिस हैरान रह गई। पकड़े गए ठगों ने पुलिस को बताया कि जिस के खाते से उन्हें पैसे निकालना होते थे उस खाता धारक का अंगूठा वह किसी न किसी बहाने से m-seal पर लगवा लिया करते थे और फिर उस पर फेविक्विक डालकर अंगूठे का क्लोन तैयार कर लेते थे। इसी अंगूठे के क्लोन का उपयोग करके वे खाते से पैसे निकाल लेते थे।

थार ऐप का करते थे उपयोग
ठगों ने पुलिस को बताया कि ठगी के लिए वे थार ऐप का उपयोग करते थे। अंगूठे का क्लोन मशीन पर लगाकर वह आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की जानकारी भी भर देते थे। इसके बाद खाते से पैसा निकाल लेते थे।

सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर जुटा लेते जाते जानकारी
ठगी करने वाले ठग इतने शातिर थे कि वे सभी जानकारी जुटाने के लिए ग्रामीण अंचल में चले जाते थे। यहां भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लाभ दिलाने के नाम पर एम-सील पर अंगूठा लगवा लेते थे। इसके अलावा उनसे उनका मोबाइल नंबर और आधार कार्ड समेत अन्य जानकारियां भी हासिल कर लेते थे और इसके बाद ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।












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