भिंड के पंचायत चुनाव में शांति बनाए रखने के लिए एसपी और कलेक्टर कर रहे अपील
भिंड में पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए भिंड कलेक्टर और एसपी कर रहे हैं ग्रामीणों से संवाद।
भिंड, 5 जून। चंबल में कोई भी चुनाव हो लेकिन वह चुनाव हिंसा के बिना संपन्न नहीं होता है। चुनावी हिंसा को रोकने के लिए इन दिनों चंबल के जिलों के अधिकारी रात-दिन रणनीति तैयार करने में लगे हुए हैं। इसी रणनीति के तहत अधिकारी ग्रामीण इलाकों में जाकर ग्रामीणों से चुनाव में शांति बनाए रखने की अपील भी कर रहे हैं। भिंड के कलेक्टर और एसपी भी शनिवार को भिंड के लहार मिहोना और रौन समेत आलमपुर इलाके में पहुंचे। यहां कलेक्टर और एसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की।

भिंड कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस और भिंड एसपी शैलेंद्र सिंह ने चुनाव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी कोशिशें करना शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को भिंड कलेक्टर और भिंड एसपी लहार और रौन इलाके में भ्रमण के लिए निकले। खास बात यह रही कि कलेक्टर और एसपी ने ग्रामीणों के साथ बैठकर उनसे बातचीत की। साथ ही सभी से इस बात की अपील करते हुए कहा कि इस चुनाव में हिंसा का रास्ता ना अपनाएं, शांतिपूर्वक तरीके से चुनाव को संपन्न होने दें।
भिंड में होने वाले हर चुनाव में होती है बड़े पैमाने पर हिंसा
भिंड में चुनाव कोई भी हो लेकिन यहां हर चुनाव में हिंसा देखने को मिलती है। छोटे से छोटे चुनाव से लेकर बड़े से बड़े चुनाव में यहां हिंसा का बोलबाला रहता है। इसी हिंसा की आशंका के चलते भिंड के कलेक्टर और एसपी अलर्ट मोड में आ गए हैं और वे इस प्रयास में है कि किसी भी तरीके से पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव में हिंसा ना हो।
हिंसा के दौरान कई बार हो जाती हैं मौत
भिंड का यह इतिहास रहा है कि यहां अक्सर चुनावी हिंसा में कई लोगों की जान भी चली जाती है। पंचायत चुनाव हो या लोकसभा चुनाव या फिर विधानसभा चुनाव, इन चुनावों में गोलीबारी की घटनाएं होना तो बहुत आम बात है। पोलिंग बूथ पर कब्जा कर लेना या फिर ईवीएम मशीन को तोड़ देना भी यहां बहुत छोटी बातों में शामिल है। पोलिंग बूथ पर और पोलिंग बूथ के बाहर फायरिंग कर देना भी यहां मामूली बात माना जाता है। चुनाव के दिन चारों तरफ से हिंसा की इतनी खबरें आती हैं कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी पेरशान हो जाते हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी अधिकारी जमाए हुए है नजर
जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हुए भिंड जिले में चुनाव के समय हिंसा फैलाने के लिए सीमा पार उत्तर प्रदेश से बदमाश भिंड में आते हैं और चुनावी हिंसा को अंजाम देने के बाद निकल जाते हैं। इस बार भिंड कलेक्टर और एसपी ने उत्तर प्रदेश की सीमा पर खास नजर रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्टर-एसपी का कहना है कि उत्तर प्रदेश से किसी भी हालत में कोई भी अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति भिंड में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
3 चरणों में चुनाव होने से रहेगी राहत
इस बार पंचायत चुनाव 3 चरणों में होने से पुलिस प्रशासन को थोड़ी राहत रहेगी। हर बार एक ही चरण में चुनाव होने से पूरे जिले को संभालना मुश्किल हो जाता था, लेकिन इस बार अलग-अलग तीन चरणों में चुनाव होने की वजह से जिले में भी 3 चरणों में चुनाव होंगे। इस लिहाज से पुलिस व्यवस्था भी दुरुस्त बनी रहेगी। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि 3 चरणों में चुनाव होने की वजह से हिंसा भी देखने को नहीं मिलेगी।












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