Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

खाकी पर नहीं रहा ग्रामीणों को भरोसा, खुद ही कर रहे हैं अपने घरों की सुरक्षा

भिंड के मेहगांव ईलाके के आधा दर्जन गांव के लोग खुद ही कर रहे हैं अपने अपने घरों की पहरेदारी, चोरो के आतंक से परेशान हैं ग्रामीण

भिंड, 11 जून। भिंड जिले में खाकी पर से आम जनता का विश्वास कम होता जा रहा है। यही वजह है कि मेहगांव के आधा दर्जन गांव के ग्रामीण खुद के घरों की सुरक्षा करने के लिए रात भर सीटी बजा कर हाथों में लाठी और टॉर्च लेकर जागते रहते है।
अंधेरा होते ही गांव के ग्रामीणों की एक-एक करके घरों के बाहर ड्यूटी लगना शुरू हो जाती है। ग्रामीण लाठी ठोकते हुए और मुंह से सीटी बजाते हुए पूरे गांव में पहरा देते नजर आते हैं।

villagers
पिछले दिनों मेंहगांव इलाके में हो गई कुछ बड़ी चोरियां
पिछले दिनों मेंहगांव इलाके में कुछ बड़ी चोरी की वारदातें हो गई। चोरों ने घरों को निशाना बनाते हुए घरों के अंदर रखे हुए नगदी और लाखों रुपए का सामान समेट लिया। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से इलाके के लोग परेशान हो गए। पुलिस की गश्त भी चोरों को चोरी करने से नहीं रोक पाई। परेशान ग्रामीणों ने पुलिस पर भरोसा ना करते हुए खुद ही अपने घरों की सुरक्षा करने का जिम्मा उठा लिया।
villagers
सीटी, टॉर्च और लाठी बनी पहरा देने का सहारा
घरों में चोरी होने से रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा टॉर्च, सिटी और लाठी का सहारा लिया जा रहा है। गांव में मौजूद जो भी ग्रामीण गांव के अंदर पहरा दे रहे हैं उन सभी ने अपने हाथों में एक टॉर्च ले रखी है। इसके अलावा सभी को सूचित करने के लिए सीटी ले रखी है और जरूरत पड़ने पर चोरों का मुकाबला करने के हाथ में लाठी भी थाम रखी है। इन्हीं तीन संसाधनों के दम पर ग्रामीण मिलकर चोरों का मुकाबला करने के लिए रात भर गश्त कर रहे हैं।
इन गांव में ग्रामीण दे रहे हैं पहरा
मेहगांव इलाके के तकरीबन आधा दर्जन गांव के लोग चोरों की दहशत में है और इन्हीं गांव के लोग रात भर अपने घरों के बाहर पहरा दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार मेहगांव समेत गिजुर्रा, हंसपुरा,गढ़ी और जीसक गांव के लोग अपने घरों के बाहर रातभर घूम घूम कर पहरा दे रहे हैं।
दो-दो घंटे की लगाई गई है ड्यूटी
ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर पहरा देने के लिए अपनी-अपनी ड्यूटी भी तय कर ली है। यह ड्यूटी दो-दो घंटे की लगाई गई है। 2 घंटे तक एक ग्रामीण पहरा देता है इसके बाद वह अपने दूसरे साथी को पहरा देने के लिए तैयार कर लेता है और खुद सोने चला जाता है। इस तरह एक-एक करके ग्रामीण दो-दो घंटे की ड्यूटी देकर अपने घरों की पहरेदारी कर रहे हैं।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+