Bhind News: पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की कोठी की क्यों नपाई कर रहा है राजस्व विभाग, जानिए पूरा मामला
Bhind News: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह इन दिनों अपनी कोठी को लेकर चर्चाओं में है। दरअसल, भिंड के लहर में गोविंद सिंह की कोठी की नपाई करने राजस्व विभाग की टीम पहुंची। इसके बाद वहां पर हंगामा शुरू हो गया। गोविंद सिंह के समर्थक टीम का विरोध करते रहे।
हंगामा होते देख लहर एसडीएम विजय सिंह यादव ने गोविंद सिंह के समर्थकों से जांच में सहयोग करने के लिए अपील की। इसके बाद नपाई का काम किया जा सका। हालांकि अभी भी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

आखिर क्यों हो रही है गोविंद सिंह की कोठी की नपाई
बता दे गोविंद सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर कर यह कोठी बनाई है, जिसकी शिकायत भी की गई है। इसलिए राजस्व विभाग की टीम उनकी कोठी की नपाई करने आज पहुंची थी। अगर सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया तो कोठी पर बुलडोजर चल सकता है।

इधर नपाई को लेकर डॉ गोविंद सिंह ने लहर भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से यह कार्रवाई की जा रही है जब से भाजपा विधायक जीते हैं, तब से हमारे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे झूठे केस लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है और अब हमारा मकान तुड़वाकर अपमानित करने का काम कर रहे हैं।
विधायक के पिता का मकान 80% सरकारी जमीन पर कब्जा
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने कहा, 'मैंने अपने जीवन में किसी भी सरकारी जमीन या किसी अन्य की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। लेकिन लहार विधायक के पिता का मकान 80% सरकारी जमीन पर बना हुआ है। लहार में लगभग 40% मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। इस पर प्रशासन के चुप रहने का कारण क्या है?'

18 जुलाई को टीम नाप के लिए पहुंची गई थी, लेकिन तब नपाई पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद, 19 जुलाई को कांग्रेस नेता के बेटे अमित प्रताप सिंह ने सीमांकन को रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जो खारिज हो गई। इसके बाद आज फिर से कार्रवाई शुरू की गई है।
मुख्य सड़क से की जाएगी कोठी की नापाई
पूर्व नेता प्रतिपक्ष के लहार स्थित कोठी के सीमांकन का मुद्दा गर्माया हुआ है। आज सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम सबसे पहले मध्यापुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंची। यहां से नापाई शुरू की गई। मुख्य सड़क से कोठी की नापाई की जाएगी। कोठी और आसपास के क्षेत्र में दो सर्वे नंबर की खोज की जाएगी। इन दोनों सर्वे नंबरों को सरकारी माना जा रहा है। इन सर्वे नंबरों के संबंध में ही वार्ड 12 के रहने वाले जाटव समाज के लोगों ने शिकायत की थी कि कोठी ने सरकारी सड़क पर कब्जा करके बनाई गई है।












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