कलेक्टर कार्यालय पर पेड़ों को बचाने के लिए प्रदर्शन करना समाजसेवियों और छात्राओं को पड़ गया भारी
भिंड में पड़े बचाने के लिए कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करने गए समाजसेवियों पर हुआ मामला दर्ज, एक कोचिंग भी की गई सील।
भिंड, 28 मई। भिंड में कलेक्टर कार्यालय पर पेड़ों को बचाने के लिए प्रदर्शन करना समाजसेवियों और कुछ छात्राओं को भारी पड़ गया। कलेक्टर कार्यालय पर 5 घंटे तक प्रदर्शन करने वाले समाजसेवियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा जिस कोचिंग की छात्राओं ने प्रदर्शन में शामिल होकर हंगामा किया था उस कोचिंग को भी सील करने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की गई है।
दरअसल गौरी सरोवर के किनारे लगे हुए पेड़ों को काटने की कार्रवाई की जा रही है। गौरी सरोवर के किनारे रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाना है और इसी वजह से यहां के पेड़ काटे जा रहे हैं। इन्हीं पेड़ों को बचाने के लिए भिंड शहर के कुछ समाजसेवियों समेत एक कोचिंग की छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पर गुरुवार के दिन प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद समाजसेवियों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई।

गुरुवार को समाजसेवियों और छात्रों द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान कलेक्टर ने जब ज्ञापन नहीं लिया तो प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय की दहलीज पर कलेक्टर के लिए चूड़ियां रख दी थीं। इसके अलावा ज्ञापन को कलेक्टर कार्यालय की दीवार पर भी चस्पा कर दिया गया था। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई थी।
देहात थाने में 7 नामजद और 12 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज
लगातार 5 घंटे के हंगामे के बाद प्रदर्शनकारी तो कलेक्टर कार्यालय से चले गए लेकिन इसके बाद प्रशासन एक्शन मोड में आया और तहसीलदार ममता शाक्य ने देहात थाने में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के तहत यह एफआईआर दर्ज करवाई गई। हरिकिशन शर्मा, अभी नारोलिया, मनोज सिंह कुशवाह, साकेत सक्सेना, मोहित तिवारी, सतीश कुशवाह समेत राजीव दीक्षित एवं 12 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।
प्रदर्शन में शामिल होने वाली छात्राओं की कोचिंग को भी किया गया सील
कलेक्टर कार्यालय में किए गए प्रदर्शन में शामिल होने वाली छात्राओं की कोचिंग पर भी प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई है। प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका की एक टीम एनडी सर द्वारा संचालित कोचिंग पर पहुंची और यहां पर कोचिंग को सील करने की कार्रवाई की गई। इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग का संचालन तलघर में किया जा रहा था जो कि नियम के विरुद्ध है। इसके अलावा कोचिंग में आग बुझाने के भी इंतजाम नहीं थे, लिहाजा नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित किए जा रहे कोचिंग सेंटर को सील किया गया।
पेड़ बचाने चले थे लेकिन खुद ही मामले में फस गए
शहर के समाजसेवियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे गौरी सरोवर के किनारे खड़े हरे भरे वृक्षों को बचाने के लिए प्रदर्शन करने जाएंगे तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी। शहर के पर्यावरण प्रेमी प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम से काफी हैरान है। फिलहाल पेड़ों को काटने का सिलसिला जारी है और जिन पर एफआईआर दर्ज हुई है वे अब पेड़ों को बचाने की बजाय खुद को बचाने की जुगत में लग गए हैं।












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