इस वजह से हुई लेखपाल मनीष कश्यप की हत्या, साथियों ने ही दिया था धोखा, Investigation में सामने आई बड़ी वजह
Lekhpal Manish Kashyap: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में लेखपाल मनीष कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि घर वालों से फिरौती मांगने के लिए लेखपाल की हत्या की गई थी। घटना में प्रयुक्त कार और आरोपियों की निशानदेही पर लेखपाल के डॉक्यूमेंट भी पुलिस ने बरामद किया है।
लेखपाल की हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए एक हत्यारोपी के निशान देही पर ही पुलिस ने लेखपाल मनीष कश्यप के डेड बॉडी का अवशेष जनपद के मिर्जापुर में स्थित एक नाले से बरामद किया था।

6 महीने पहले हुई थी लेखपाल से जान पहचान
दरअसल, पुलिस द्वारा इस मामले में कपूरपुर के रहने वाले अवधेश उर्फ ओमवीर कश्यप को पुलिस ने शक के आधार पर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस टीम द्वारा उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और पुलिस को पूरी सच्चाई बता दी।
उसने बताया कि वह करीब 6 महीने पहले लेखपाल मनीष कश्यप से मिला था। उसके बाद वह कई बार मनीष कश्यप से बातचीत किया और उसका मिलना जुलना होता था। पुलिस को उसने बताया कि वह मनीष कश्यप से पैसे वसूलना चाहता था लेकिन वह सफल नहीं हो रहा था। ऐसे में उसने यह बात सूरज कश्यप को बताया।
उसके बाद सूरज और अवधेश ने मिलकर 27 तारीख को लेखपाल को फरीदपुर फाटक के पास कॉल करके मिलने के लिए बुलाया। बुलाने के बाद दोनों ने लेखपाल को शराब पिलाया। अधिक शराब पी लेने के बाद लेखपाल जब नशे में हो गया तो सूरज के मफलर से दोनों ने उसका गला कसकर हत्या कर दी। नेपाल की हत्या करने के बाद उसकी डेड बॉडी को उन लोगों ने नाले में फेंक दिया।
कई अनसुलझे सवाल जिसके जवाब अभी बाकी
पुलिस द्वारा लेखपाल हत्याकांड की जो थ्योरी बताई गई है उस पर ग्रामीणों द्वारा प्रश्न चिन्ह लगाए जा रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि गला दबाकर लेखपाल की हत्या की गई थी तो फिर उसका गर्दन उसके शरीर से अलग क्यों था? इसके अलावा उसके शरीर के कई अन्य भाग कहां गए?
इसी तरह यह भी चर्चा है कि यदि उनको फिरौती चाहिए थी तो उन लोगों ने घर वालों को फोन क्यों नहीं किया। जब कि लेखपाल का अपहरण करने के बाद उन लोगों द्वारा घर वालों को फोन कर पैसे की डिमांड की जानी चाहिए थी। इसके अलावा यह भी चर्चा चल रही है कि नाले में डेड बॉडी फेंक कर हत्यारे चले गए तो फिर 18 दिन तक डेड बॉडी इसी तरह कैसे पड़ी रह गई।
इसके अलावा कुछ लोगों में यह भी चर्चा है कि लेखपाल द्वारा 250 बीघा जमीन घोटाले के मामले का पर्दाफाश किया गया था। क्या इस घोटाले और इसमें शामिल लोगों को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है? इसी तरह ग्रामीणों द्वारा कई अन्य सवाल किये जा रहे हैं जिसे लेकर पुलिस के थ्योरी पर भी सवाल उठ रहे हैं।












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