कृष्ण भक्ति से नाराज हुए शौहर ने शहनाज को दिया तीन तलाक, तो आरोही बन हिंदू युवक पवन संग लिए 7 फेरे
bareilly news: हैरान कर देने वाली खबर उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई चौक गया। दरअसल, यहां मुस्लिम परिवार में जन्मी शहनाज बचपन से ही श्रीकृष्ण की भक्त थी और पूजा-पाठकरती थी।
श्रीकृष्ण में शहनाज की यह आस्था उसके परिवार और पति को इतनी नागवार गुजरी कि पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। इस दौरान शहनाज ने अपनी शौहर को समझाने की कोशिश भी की तो उसे मारा पीटा गया और प्रताड़ित किया गया।

घर से निकाले जाने के बाद शहनाज को जब कोई सहारा न मिला तो उसने अपने बचपन के हिंदू दोस्त पवन को याद किया और उसको आपबीती सुनाई। पवन और शहनाज में धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोस्ती प्यार में बदल गई।
फिर क्या था दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। इसके लिए मुस्लिम युवती शहनाज ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया और आरोही बन गई। शहनाज से आरोही बनी मुस्लिम युवती ने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से बचपन के दोस्त पवन के संग सात फेरे लिए।
यह मामला फरीदपुर थाना क्षेत्र के ढकनी राजपुर गांव का है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, शहनाज का निकाह साल 2018 में हुआ था। शहनाज बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण की भक्त थी और कान्हा की पूजा करती थी। हालांकि, शहनाज के घरवालों को उसका श्रीकृष्ण की पूजा करना पसंद नहीं था।
मगर, शहनाज ने किसी की नहीं सुनी और शादी के बाद भी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-पाठ करती रही। शहनाज के पति और ससुराल के लोगों ने जब उसे पूजा-पाठ करते देखा तो घर में हंगामा मच गया। इस दौरान शहनाक के शौहर ने उसे बुरी तरह से मारा-पीटा और खूब प्रताड़ित किया।
वह चाहते थे कि शहनाज किसी तरह से श्रीकृष्ण की भक्ति छोड़ थे और इस्लाम धर्म के मुताबिक रहे। हालांकि, शहनाज ने कान्हा की भक्ति नहीं छोड़ी। शहनाज के कान्हा की भक्ति न छोड़ने पर उसके शौहर ने उसे तीन तलाक दे दिया और घर से निकाल दिया। इस मुसीबत की घड़ी में शहनाज ने अपने बचपन के दोस्त पवन को याद किया।
इस दौरान शहनाज ने पवन को अपनी पीड़ा की कहानी भी सुनाई। इस दौरान दोनों की यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी करने का फैसला ले लिया। शादी करने के लिए शहनाज ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया और आरोही बन गई। पवन और शहनाज उर्फ आरोही शादी करने के लिए अगस्त मुनि आश्रम पहुंचे और हिंदू रीति रिवाज से शादी की।
शहनाज ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह अपने शौहर और परिवार के अत्याचार की वजह से बेहद परेशन हो चुकी थी। परिवार का कोई भी सदस्य उसकी मदद के लिए तैयार नहीं था। जिसके बाद उसने ट्रेन के नीचे आकर अपनी जान देने का भी सोचा था। लेकिन, इस बीच उसे पवन मिल गया, जिसने उसकी मदद की।
बरेली अगस्त मुनि आश्रम में शहनाज ने शादी करने के लिए अपना धर्म और नाम बदल लिया। शहनाज की मानें तो अब उसको आरोही के नाम से ही पुकारा और जाना जाए। बता दें कि आश्रम के महंत केके शंखवार ने युवती को सनातन धर्म के मुताबिक शुद्धिकरण कराया और दोनों की शादी कराई।
वहीं, अब शहनाज से आरोही बनी मुस्लिम युवती ने पुलिस-प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। आरोही का कहना है कि उसको अपने परिवार की ओर से जान का खतरा है। जिससे उसने शादी की है, उसे भी जान का खतरा है।












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