एंबुलेंस में हुआ महिला का प्रसव, अस्पताल में पैसे की डिमांड नहीं की पूरी तो ठिलिया से ले जाना पड़ा घर
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही गरीबों के लिए तमाम योजनाएं चलाने का दावा करे, लेकिन जिलों में इन योजनाओं की खैर खबर लेने वाला कोई नहीं है। बाराबंकी में स्वास्थ्य विभाग की ऐसी बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक प्रसूता का प्रसव एंबुलेंस में होने के बाद एक हजार रुपए न देने के कारण आधा-अधूरा इलाज कर बैरंग लौटा दिया, जिसके बाद मजबूर होकर परिजन उसे ठिलिया से घर लेकर गए।

क्या है पूरा मामला
मामला बाराबंकी थाना लोनीकटरा क्षेत्र के बेलहरी गांव से जुड़ा है, जहां के निवासी राम नरेश की पत्नी रेखा एंबुलेंस से सीएचसी त्रिवेदीगंज जा रही थी। सीएचसी पर पहुंचते ही एंबुलेंस में ही उसका प्रसव हो गया। सीएचसी परिसर में एंबुलेंस चालक रेखा को उतारकर चला गया। सीएचसी में मरीज का आधा अधूरा इलाज किया गया। दरअसल, प्रसूता का प्रसव एंबुलेंस में होने के बाद एक हजार रुपए न देने के कारण उसका इलाज न करके उसे बैरंग वापस कर दिया। 102 एंबुलेंस प्रसूता को घर भेजने के लिए नहीं मिल सकी, जिसके बाद मजबूर होकर परिजनों उसे ठिलिया से घर लेकर आए। इस पर रेखा और उसके नवजात शिशु को रिक्शा ठिलिया से घर ले जाया गया।
स्टॉफ नर्स ने एक हजार रुपए मांगे थे
इस मामले में परिजनों का कहना है कि स्टॉफ नर्स ने उनसे एक हजार रुपए मांगे थे। पैसे न देने के बाद उन लोगों ने उनके मरीज का न तो सही से इलाज किया और न ही घऱ जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा दी। यहां तक कि सीएचसी में कोई पंजीकरण भी नहीं किया, जिसके चलते उन्हें योजना के पैसे भी नहीं मिलेंगे।












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