Barabanki: करंट से नहीं बिजली के बिल से गई किसान की जान, चोरी के आरोप में दिया 70 हजार का नोटिस
जब एक किसान मजदूरी पर जाने की वजह से अपना बिल नहीं जमा कर पाया, तब बिजली विभाग ने कटिया डाल कर चोरी करने के आरोप में 70 हजार का नोटिस उसे थमा दिया। किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिम्मेदार कौन?

विद्युत विभाग कहता है कि भैया जीना है तो बिजली के नंगे तारों से दूरी बनाकर रखें, अन्यथा यह जानलेवा साबित हो सकता है, लेकिन इस बार बिजली बिल किसान के मौत का कारण बना है। नंबर बढ़ाने की जुगत में जुटे अधिकारी ऐसा ऐसा बिल थमा दे रहे है, जिसे देखतें ही आपकी धड़कने रुक सकती है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से आया है, जहां पर बिजली विभाग के अधिकारी ने किसान के घर पर छापा मारा। कागज पर बाकायदा यह दर्शाया गया कि विभाग के अधिकारी आए और पाया गया कि किसान सीधे बिजली की चोरी कर रहा है और 70 हजार का लंबा चौड़ा कागज किसान को थमा दिया। किसान अपना बिल देखने के बाद सदमें में चला गया, जहां कुछ ही दिनों बाद दिल थमने से उसकी मौत हो गई।

बिजली विभाग के नोटिस से किसान की मौत
कभी कभी बिजली करंट से ही नहीं, बल्कि बिजली के बिल से भी मौत हो जाती है। बाराबंकी के लोनी कटरा थाना के भिलवल कस्बा निवासी राकेश के घर बिजली चोरी का 70 हजार का नोटिस आया। नोटिस आने के बाद किसान परेशान हो गया। परेशान किसान को आस पास के लोगों ने कम होने को लेकर सांत्वना दिया, लेकिन जब कम होने की आस खत्म हुई तो यह सोचते हुए धड़कन तेज हुई और थोड़ी देर बाद ही मृत्यु हो गई। किसान के भाई महेश कुमार ने मध्यांचल विद्युत विभाग निगम लिमिटेड को इसको लेकर पत्र लिखा है।
अधियासी अभियंता को लिखे गए पत्र में बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए पिछले साल तीन हजार रुपये देकर कनेक्शन कराया था। कई बार बिल जमा करने को लेकर प्रयास किया तो बिल नही निकल पाने से जमा नही कर सका। मजदूरी के लिए जाने की वजह से बिजली बिल जमा नही कर सके।

70 हजार 494 रुपये का नोटिस देख आया हार्ट अटैक
महेश कुमार ने बताया कि 9 मार्च को मेरे घर पर एक नोटिस आया, जिसमें बिजली विभाग की ओर से 22 फरवरी को सीधी चोरी लिखते हुए 70 हजार 494 रुपये का नोटिस भेज दिया। बिजली विभाग ने चोरी से कटिया लगाकर बिजली की सीधी चोरी करने के लिए जब नोटिस घर पर भेज दिया तो सदमें में कुछ दिन बाद बड़े भाई राकेश की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
महेश का कहना है कि टीम कब जांच के लिए आई यह भी पता नही है। 70 हजार की नोटिस देखकर भाई सदमें में ही थे। सवाल यह है कि विभाग बड़े लोगों के द्वारा की जा रही गुपचुप बिजली चोरी को नही देखती है, लेकिन जो किसान कनेक्शन के लिए सैकड़ों बार अफसर से लेकर मंत्री तक की चरण वंदना करते है औऱ कनेक्शन लेते है। फिर उन्ही किसानों को नोटिस और मौत नसीब होती है। बिजली विभाग इस मामले में अब जांच को लेकर बात कह रही है।












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