Karnataka: हनुमान जी के ध्वज को उतारने पर कर्नाटक में बवाल, BJP-JDS का प्रदर्शन, धारा 144 लागू
Karnataka Hanuman Flag News: हनुमान जी के झंडे को हटाने को लेकर कर्नाटक में बवाल मचा हुआ है। राज्य के मांड्या जिले में हनुमान ध्वज हटाए जाने के बाद से तनाव पैदा हो गया है। स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए इलाके में धारा 144 तक लागू की गई है।
जानकारी के मुताबिक मांड्या जिले के केरागोडु गांव में हनुमान जी के झंडे को लेकर तनाव पैदा हो गया है। मांड्या जिले के ग्राम पंचायत बोर्ड द्वारा 108 फीट ऊंचे फहराए गए हनुमान ध्वज को उतार दिया था, जिसके बाद से लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

बीजेपी-जेडीएस का प्रदर्शन
मांड्या जिले की घटना के बाद से लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) द्वारा विरोध रैली के आह्वान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन
झंडा हटाए जाने के विरोध में सोमवार सुबह बेंगलुरु में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और 'जय श्री राम' के नारे लगाए, जिनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इसी तरह का विरोध प्रदर्शन केरागोडु गांव में हुआ, जहां जिला प्रशासन द्वारा 108 फीट ऊंचे ध्वजस्तंभ पर लगे हनुमान ध्वज को हटाने से विवाद पैदा हो गया, जहां लोग धारा 144 का उल्लंघन करते हुए एकत्र हुए और नारे लगाने लगे।
जानें क्या है पूरा विवाद?
बता दें कि विवाद तब भड़का जब ग्राम पंचायत द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति प्राप्त लोगों के एक समूह ने 108 फीट ऊंचा ध्वजस्तंभ खड़ा कर दिया। लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज की जगह हनुमान ध्वज फहरा दिया। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने हनुमान ध्वज हटाने का अनुरोध किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
हनुमान ध्वज को उतार दिया गया और बाद में ग्रामीणों ने 'बंद' का आह्वान किया। तनाव को शांत करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। भाजपा और जेडीएस ने केरागोडु से जिला कलेक्टर कार्यालय तक विरोध रैली का आह्वान किया, जिसके बाद धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कर्नाटक सरकार का बीजेपी पर आरोप
इस बीच, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा पर इस घटना से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। डीके शिवकुमार ने कहा, "वे मांड्या में राजनीतिक पैर जमाना चाहते हैं। वे सिर्फ जनता के मन में भ्रम पैदा कर रहे हैं। कुछ नहीं होगा। मांड्या के लोग बहुत सहिष्णु और धर्मनिरपेक्ष हैं। यह शुद्ध राजनीति है। और वे राज्य में शांति अस्थिर करना चाहते थे। और हम शांति चाहते हैं, आइए शांति बनाए रखें।"
वहीं घटना पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि भारतीय ध्वज की जगह हनुमान ध्वज फहराना सही नहीं है और उन्होंने भाजपा पर राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया।












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