अखबार बेचने वाले को मिली करोड़ों की नौकरी

बेंगलुरु। अखबार बेचने वालों को लोग इज्जत नहीं देते। उसे एक मामूली सा काम करने वाला मानते है, लेकिन बेंगलुरु के एन शिवकुमार ने लोगों की इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया। शिवकुमार घर-घर जाकर अखबार बेचने का काम करता था, लेकिन अपनी मेहनत की बदौलत उसे आज करोड़ों रुपए की सैलरी वाली नौकरी मिली है।

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अखबार बेचने के साथ-साथ शिवकुमार को दो साल पहले आईआईएम कोलकाता में दाखिला मिला। आईआईएम की पढ़ाई करने के बाद आज शिवकुमार को एक जर्मन कंपनी में करोड़ों की नौकरी पा चुके हैं और भारत में डेप्युटी कंट्री मैनेजर के तौर पर नियुक्त होंगे। अगर शिवकुमार के इतिहास को देखें तो उसके पिता ट्रक ड्राइवर है। परिवार को आर्थिक रुप से सहायता करने के लिए शिवकुमार ने बचपन में लाल बत्तियों पर फूल बेचे। दसवीं क्लास में पहुंचने पर वो सुबह अखबार बांटने का काम करने लगा।

शिवकुमार के लगन को देखकर एक भले मानुस ने उसकी मदद की और उसका दाखिला करवाया। मदद मिलने पर शिवकुमार की असली प्रतिभा निखरकर सामने आ गई। उन्होंने पहले कंप्यूटर इंजिनियरिंग की और फिर आईआईएम कोलकाता में दाखिला पाने में सफल रहे। प्लेसमेंट के पहले ही दिन जर्मन कंपनी रॉकेट ने उन्हें अपने यहां नौकरी दे दी।

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