कर्नाटक SSLC Exam: परीक्षा के दौरान हिजाब उतारने से महिला निरीक्षक ने किया इनकार, निलंबित
बेंगलुरु, 29 मार्च: कर्नाटक में हिजाब का पनपा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में 28 मार्च से 10वीं बोर्ड के एग्जाम (Karnataka SSLC Exam 2022) शुरू हो गए हैं। ऐसे में छात्राओं को हिजाब के बिना ही परीक्षा के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं कुछ छात्राओं को नियमों के नहीं मामने पर परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। इस बीच सोमवार को हिजाब पहने एक निरीक्षक को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक हिजाब प्रतिबंधों पर परीक्षा अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का कथित रूप से खंडन करने की कोशिश करने के बाद बेंगलुरु के सिद्धगंगा स्कूल में एक पर्यवेक्षक नूर फातिमा को निलंबित कर दिया गया था। बेंगलुरु नार्थ के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर वी रमेश ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही महिला पर्यवेक्षक को कार्य मुक्त कर दिया गया, क्योंकि वो हिजाब को लेकर जारी नियमों को दरकिनार कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक परीक्षा ड्यूटी पर हिजाब पहनकर महिला आई थी, सूत्रों के मुताबिक उसे हिजाब हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा करने से मना कर दिया, जिसके बाद उसे परीक्षा केंद्र से वापस भेजते हुए निलंबित कर दिया। इधर, बागलकोट के इलकल में एक छात्रा ने हिजाब के साथ कक्षा में प्रवेश नहीं करने के बाद सोमवार को अपनी परीक्षा देने से इनकार कर दिया।
कर्नाटक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार एसएसएलसी परीक्षा के लिए नामांकित 869,399 छात्रों में से 848,405 उपस्थिति में थे, जबकि 20,994 अनुपस्थित रहे। राज्य सरकार ने उन छात्राओं का ब्रेकअप नहीं दिया, जिन्होंने हिजाब प्रतिबंध के कारण परीक्षा देने से इनकार कर दिया था। हालांकि कर्नाटक भर में अधिकांश छात्राओं को परिसर में विशेष कमरों के अंदर हिजाब हटाते हुए और फिर 10वीं एसएसएलसी परीक्षा लिखने के लिए आगे बढ़ते देखा गया।












Click it and Unblock the Notifications