कर्नाटक: धर्मांतरण विरोधी बिल पर बोली कांग्रेस- अंबेडकर ने भी धर्म बदला था, क्या उन पर भी होगा केस?
कांग्रेस नेता सी.एम इब्राहिम ने धर्मांतरण विरोधी बिल को लेकर कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने बौध धर्म अपनाया तो क्या आप उनके खिलाफ भी केस करोगे?
बेंगलुरु, 13 दिसंबर। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने धर्मांतरण विरोधी बिल और लव जिहाद बिल को सदन में पेश करने का निर्णय ले लिया है। कर्नाटक में इस बिल का जमकर विरोध हो रहा है। खास तौर से विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस बिल का जमकर विरोध कर रही है। कांग्रेस ने इस बिल को असंवैधानिक और पूरी तरह से भेदभावपूर्ण बताया है। कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और कांग्रेस नेता सी.एम इब्राहिम ने धर्मांतरण विरोधी बिल को लेकर बेलगावी में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि धर्मांतरण के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता। बाबा साहेब अंबेडकर ने बौध धर्म अपनाया तो क्या आप उनके खिलाफ भी केस करोगे? अब कई सारे मुसलमान जैसे वसीम रिजवी त्यागी हो गए यह उनकी इच्छा थी...क्या में उनके घर के बाहर चिल्लाऊं की आपने ऐसा क्यों किया। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आपको पता ही नहीं है कि धर्मांतरण क्या है? जो जहां जा रहा है जाने दो। यह उसकी इच्छा है। वसुधैव कुटुंबकम आप ही कहते हो। फिर यह सब किसलिये?

हिंदुओं को बचाने के लिए ला रहे कानून
वहीं इस बिल को लेकर सीएम बोम्मई ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी बिल को हिंदुओं को बचाने के लिए लाया जा रहा है। विशेष रूप से दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों को बचाने के लिए। उन्होंने कहा कि मिशनरी इन लोगों को लालच और आर्थिक फायदे का प्रलोभन देकर इनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं।
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बीजेपी विधायक ने एक बयान देकर मचाई थी सनसनी
दरअसल बीजेपी के विधायक गूलीहट्टी शेखर ने अपने बयान में कहा था कि उनकी मां कुछ महीने तक ईसाई बने रहने के बाद हिंदू धर्म में लौट आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरियों ने बहला फुसलाकर उनकी मां का धर्म परिवर्तन कराया। उन्होंने राज्य की ईसाई मिशनरियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
बिल पर ईसाइयों ने जताई आपत्ति
इस बिल पर ईसाई समुदाय के नेताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बेंगलुरु के आर्कबिशप डॉ. पीटर मचादो ने इस बिल को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इस कानून के बाद ईसाई दोयम दर्जे के नागरिक बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि कैथोलिक चर्च का धर्म परिवर्तन से कोई मतलब नहीं है। यदि सरकार इस बात को साबित कर दे तो वह सभी ईसाई स्कूलों को बंद कर देंगे।












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