दादी को सलाम! हार्ट सर्जरी के बाद भी ट्रैक पर दौड़ती रही, हादसे से पहले लाल कपड़ा दिखाकर रोकी ट्रेन
कर्नाटक की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी सूझबूझ से सैंकड़ों रेल यात्रियों की जिंदगी बचाई है, जिसके बाद रेलवे से लेकर सभी लोगों ने उनकी प्रशंसा की है।

कर्नाटक में एक 70 साल की बुजुर्ग महिला की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा टाल गया। बुजुर्ग महिला ने सैंकड़ों रेल यात्रियों की जान बचाई है। वृद्धा ने मंगलुरु से मुंबई जाने वाली ट्रेन को लाल कपड़ा दिखाकर रोका, जिसके बाद बड़ा ट्रेन हादसा होने से टला गया।
दादी की सूझबूझ से टला हादसा
मंगलुरु के मंदरा की रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंद्रावती ने 21 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे पडिल और जोकट्टे के बीच रेलवे ट्रैक पर एक पेड़ गिरा देखा था। जिसके बाद वह भागकर अपने घर के अंदर गईं और एक लाल कपड़ा लेकर आईं, जिसको उन्होंने लोको पायलट को दिखाया।
मत्स्यगंधा एक्सप्रेस को रोका
चंद्रावती को मालूम था कि मंगलुरु से मुंबई जाने वाली मत्स्यगंधा एक्सप्रेस उसी रास्ते से गुजरेगी। इसलिए उन्होंने बिना वक्त गंवाए घर से एक लाल कपड़ा लेकर लोको पायलट को दिखाने के लिए लहराया। इसके बाद लोको पायलट ने जैसे ही लाल कपड़ा देखा तो आने वाले खतरे को भांप लिया और ट्रेन को धीमा किया।
रेलवे पुलिस ने किया सम्मानित
इसके बाद ट्रेन उसी जगह के पास रुकी थी, जहां ट्रैक पर पेड़ गिरा था। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोग ने मिलकर पेड़ को ट्रैक से हटा दिया। वहीं बुजुर्ग महिला को उनकी सूझबूझ के लिए मंगलवार को रेलवे पुलिस ने एक समारोह में सम्मानित किया।
बिना देर किए दौड़ने लगीं 'दादी'
घटना के बारे में बताते हुए बुजुर्ग महिला ने मीडिया को बताया कि जैसे ही उन्होंने ट्रैक पर पेड़ गिरते देखा तो किसी को जानकारी देने के लिए घर की ओर दौड़ीं, लेकिन तब तक उन्होंने ट्रेन का हॉर्न सुना और बिना देरी किए लाल कपड़ा लेकर बाहर निकली और ट्रैक की तरफ कपड़ा लहराते हुए दौड़ने लगीं।
दिल की सर्जरी हुई थी, फिर भी दौड़ीं
उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी दिल की सर्जरी भी हुई थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सोचा और बस ट्रैक की ओर दौड़ने लगी। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके यह भी सोचने का समय नहीं था कि उनकी हार्ट सर्जरी हुई है।












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