कर्नाटक भाजपा विधायक का विवादित बयान, कहा-'राहुल गांधी को संसद के अंदर बंद कर मारना चाहिए थप्पड़'
कर्नाटक के भाजपा विधायक भरत शेट्टी ने यह बयान देकर हलचल मचा दी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके कथित हिंदू विरोधी बयानों के लिए थप्पड़ मारा जाना चाहिए। मंगलुरु में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान शेट्टी ने कांग्रेस नेताओं की आलोचना की और उन पर हिंदू होने का दावा करते हुए हिंसा और झूठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
विधायक शेट्टी ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह हिंदू विरोधी नीति का पालन करते हैं। यदि आप उनके बयान को देखें तो यह स्पष्ट है कि वह एक बड़े पागल हैं। संसद के अंदर राहुल गांधी के गाल पर थप्पड़ मारना चाहिए था। उन्होंने हिंदू भगवान शिव की तस्वीर पकड़े हुए राहुल गांधी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह हिंदुओं को हिंसक कहते हैं। पागल को यह नहीं पता कि यदि भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख खोल दी तो वह राख हो जाएंगे।

भाजपा विधायक ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे जिस क्षेत्र में जाते हैं। उसके आधार पर अपना धार्मिक रुख बदल लेते हैं। विधायक शेट्टी ने दावा किया कि जब विपक्ष के नेता गुजरात आते हैं तो भगवान शिव के भक्त बन जाते हैं। जब वे तमिलनाडु जाते हैं तो नास्तिक बन जाते हैं। जब वे केरल जाते हैं तो धर्मनिरपेक्ष बन जाते हैं।
आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लोकसभा में भाषण को लेकर उठे विवाद के बाद भाषण के कई हिस्सों को संसदीय रिकॉर्ड से हटा दिया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान उनके भाषण ने राजनीतिक आक्रोश पैदा कर दिया था।
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर हिंसा और नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने हिंदू प्रतीक अभयमुद्रा को भी कांग्रेस पार्टी से जोड़ा और इसे निडरता और आश्वासन का संकेत बताया। सदन में गांधी ने कहा कि अभयमुद्रा कांग्रेस का प्रतीक है। अभयमुद्रा निडरता का संकेत है। आश्वासन और सुरक्षा का संकेत है।
राहुल गांधी ने आगे बताया कि यह प्रतीक हिंदू धर्म, इस्लाम, सिख धर्म और बौद्ध धर्म सहित विभिन्न भारतीय धर्मों में दैवीय सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने अहिंसा और भय को दूर करने पर जोर दिया। जो इन धर्मों के महापुरूषों द्वारा प्रचारित मूल मूल्य हैं।
नेता प्रतिपक्ष गांधी के भाषण का राजनीतिक नतीजा महत्वपूर्ण था। अहिंसा के बारे में उनकी टिप्पणी उन लोगों के खिलाफ आरोपों से बिल्कुल अलग थी जो खुद को हिंदू मानते हैं। लेकिन कथित तौर पर हिंसा और नफरत को बढ़ावा देते हैं। राहुल गांधी ने सदन में कहा कि हमारे सभी महापुरुषों ने अहिंसा और भय को खत्म करने की बात कही है। लेकिन जो खुद को हिंदू कहते हैं वे केवल हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं। आप हिंदू हो ही नहीं।
भाजपा विधायक भरत शेट्टी ने हाल के चुनावों में राहुल गांधी के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आम चुनाव में केवल 99 सीटें हासिल करने के बावजूद राहुल गांधी ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यह बयान शेट्टी की आलोचना का हिस्सा था। जिसका मकसद राहुल गांधी की विश्वसनीयता को कम करना था।
भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही बहस देश में राजनीतिक मतभेद और धार्मिक पहचान की अलग-अलग व्याख्याओं को दर्शाती है। दोनों दलों के बीच इन संवेदनशील मुद्दों पर गरमागरम बहस के कारण विवाद बरकरार है। भाजपा विधायक के इस बयान के बाद देश में सियासत का माहौल गरमा गया है। अब प्रमुख नेताओं के बयान जल्द ही बड़े विवादों में बदल सकते हैं।












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