कर्नाटक की बोम्मई कैबिनेट में 'नाटक', अपने पोर्टफोलियो से खुश नहीं दो मंत्री, एक ने MLA ऑफिस तक किया बंद
बेंगलुरु, 11 अगस्त: कर्नाटक में उपजे बीजेपी सरकार में असंतोष के बाद बसवराज बोम्मई को नया सीएम बनाकर इस घमासान को शांत करने की कोशिश की गई थी, लेकिन अब बोम्मई कैबिनेट में भी असंतोष बढ़ता हुआ नजर आ रहा हैं। कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल के भीतर असंतोष एक हफ्ते बाद ही बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि पर्यटन मंत्री आनंद सिंह ने विजयनगर जिले के होसपेट में अपने विधायक ऑफिस को बंद कर दिया है, कथित तौर पर वो अपने पोर्टफोलियो से नाखुश हैं।

इधर, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को फिर से स्पष्ट किया कि मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह आनंद सिंह से बात करेंगे। मैं और आनंद सिंह अब तीन दशक से दोस्त हैं। हम लगातार संपर्क में हैं। कल मेरी उनसे बात हुई थी। आज भी मैं उनसे बात करूंगा। मैं उनके विचारों से अवगत हूं और मैंने भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनके आने और मुझसे बात करने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।
त्याग पत्र के साथ मुलाकात की थी मुलाकात
इस बीच बोम्मई ने इस मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बात करने से इनकार किया है, हालांकि वह कर्नाटक में गड़गड़ाहट से अवगत है। हाल ही में गठित कैबिनेट में आनंद सिंह को पर्यटन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सिंह के एक करीबी सूत्र ने बताया कि उन्होंने रविवार को बोम्मई से अपने त्याग पत्र के साथ मुलाकात की थी और सीएम ने उन्हें दिलासा दिया था।
विजयनगर में किया अपना ऑफिस बंद
रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने विजयनगर में अपना कार्यालय बंद कर दिया है, क्योंकि वह पिछली बीएस येदियुरप्पा सरकार की तरह ऊर्जा के साथ वन विभाग चाहते हैं। हालांकि सिंह ने कार्यालय बंद कर दिया है और त्याग पत्र तैयार रखा है, लेकिन वह सकारात्मक हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और उन्हें वह पोर्टफोलियो मिल जाएगा जो वह चाहते है। इसके अलावा एक अन्य मंत्री एमटीबी नागराज ने विभागों को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है।
मंत्री एमटीबी नागराज भी नाखुश
नागराज को नगर निगम प्रशासन, लघु और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग विभाग दिए गए हैं। वह कथित तौर पर आवास पोर्टफोलियो चाहता है। नागराज ने बुधवार को कहा कि बोम्मई ने उनसे जल्द ही अपना पोर्टफोलियो बदलने का वादा किया था और उन्हें उन पर भरोसा है। आपको बता दें कि नागराज और सिंह दोनों 2019 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे और वे जद (एस) -कांग्रेस सरकार को गिराने और भाजपा को सत्ता में वापस लाने में अपनी भूमिका को देखते हुए अपनी पसंद के विभागों की मांग कर रहे हैं।












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