पिता की मौत के बाद कोरोना ने छीना सिर से मां का साया, अनाथ हुए बच्चे
बलिया, मई 24: यूपी के बलिया जिले में दिल का झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक परिवार के चार बच्चों को अनाथ कर दिया। पिता की कैंसर से मौत के बाद कोरोना संक्रमण के चलते मां की भी मौत हो गई। बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। बैरिया के उप जिलाधिकारी प्रशांत नायक का कहना है कि बच्चों के परिवार का कोई और सदस्य अगर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेता है तो इनके भरण पोषण के लिए हर महीने दो हजार रुपए छात्रवृत्ति के रूप में 18 साल की उम्र होने तक दिया जाएगा। वहीं, अगर कोई बच्चों की जिम्मेदार नहीं लेता है तो ऐसी स्थिति में बाल संरक्षण केंद्र के माध्यम से बच्चों को शेल्टर होम में रखा जाएगा।

कैंसर से हुई थी पिता की मौत, कोरोना ने छीना मां का साया
बिहार की सीमा से सटे जिला मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर स्थित बैरिया तहसील क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अंकुश के पिता संतोष पासवान की तीन साल पहले कैंसर से मौत हो गई थी। अब कोरोना महामारी ने अंकुश की मां को भी उससे छीन लिया। अंकुश, काजल, रूबी, रेनू उर्फ सुबी अब अनाथ हो गए हैं। हालांकि, सभी बच्चों के हौसले बुलंद हैं। सात साल के अंकुश का कहना है कि वह अपनी बहनों की जिम्मेदारी उठाने को तैयार है। अंकुश का कहना है कि वह बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनना चाहता है। वहीं, अंकुश की बहनों का कहना है कि अब सब कुछ भगवान भरोसे है। उन्हें दूसरे के खेतों में मजदूरी कर गुजर बसर करना होगा।
एसडीएम प्रशांक नायक ने कही ये बात
इस मामले में बैरिया के उप जिलाधिकारी प्रशांत नायक ने कहा कि इन बच्चों के परिवार का कोई और सदस्य अगर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेता है तो इनके भरण पोषण के लिए हर महीने 2000 रुपए छात्रवृत्ति के रूप में 18 साल की उम्र होने तक दिया जाएगा। अगर कोई बच्चों की जिम्मेदार नहीं लेता है तो ऐसी स्थिति में बाल संरक्षण केंद्र के माध्यम से बच्चों को शेल्टर होम में रखा जाएगा।












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