Ballia: झोलाछाप डॉक्टर ने कर डाला हार्निया का ऑपरेशन, मरीज की हुई मौत
झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज ने एक और युवक की जान ले ली। मऊ के एक डॉक्टर द्वारा हार्निया का आपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीज की स्थिति काफी गंभीर हो गयी। बचाव के प्रयास से पहले ही उसकी मौत हो गई।

झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ जिला प्रशासन के जिम्मेदार उच्च अधिकारी लगातार कार्रवाई कर झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रतिबंध लगाने का दावा कर रहे है लेकिन झोलाछाप चिकित्सक से जुड़े एक मामले ने प्रशासन के होश उड़ा दिए। दरअसल मामला बलिया के खेजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय बाजार स्थित एक निजी चिकित्सालय में ' नीम हकीम खतरे जान ' वाली कहावत चरितार्थ हो गई। चिकित्सक की लापरवाही से एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। उधर मामले की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। फिर क्या था पुलिस झोलाछाप चिकित्सक को थाने लेकर चली आई।

हार्निया का ऑपरेशन कराने पहुंचा था मुन्ना गुप्ता
खेजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत जिगिरसण्ड निवासी मुन्ना गुप्ता (45 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय भृगुनाथ गुप्ता लगभग दोपहर के समय हार्निया का आपरेशन खेजुरी बाजार स्थित डॉक्टर ए रहमान के निजी क्लीनिक पर गए थे। मिली जानकारी के मुताबिक वहां मऊ के एक डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन किया गया था। आपरेशन के बाद चिकित्सक मऊ चला गया। जिसके कुछ देर बाद ही मरीज की स्थिति काफी गंभीर हो गयी। यह देख क्लिनिक के संचालक डॉक्टर ए रहमान के हाथ पांव फूलने लगे। जब तक उसके बचाव का प्रयास किया जाता तब तक मुन्ना की मौत हो गई और इस मौत की सूचना जंगल में आग की तरह फ़ैल गई जिसके बाद लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया।

क्लिनिक पर पहुंची पुलिस ने डॉ ए रहमान को हिरासत में ले लिया
युवक के मौत के बाद जहां परिजनों के बीच कोहराम मच गया वही सूचना पर पहुंचे एसएचओ बीपी पांडेय ने शव को तत्काल कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया। वही दूसरी तरफ क्लिनिक के संचालक डॉ ए रहमान को गिरफ्तार भी कर लिया और थाने लेकर चली आई। इस संबंध में एसएचओ ने बताया कि गिरफ्तार चिकित्सक से ऑपरेशन करने वाले मऊ के डॉक्टर की जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह उनको पहचाने से ही इंकार कर रहा है। जबकि मृतक का आपरेशन रहमान के क्लीनिक में ही किया गया है। बताया की संबंधित चिकित्सक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच झोलाछाप चिकित्सक द्वारा ऑपरेशन किए जाने की चर्चा
इस घटना के बाद जहां एक तरफ लोगों में आक्रोश व्याप्त वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों की माने तो उक्त क्लीनिक में अक्सर हाइड्रोसिल और हार्निया का आपरेशन मऊ वाले चिकित्सक के द्वारा ही किया जाता है। क्षेत्र के लोगों की माने तो बिना डिग्री और जानकारी वाले ये चिकित्सक न सिर्फ आम जन का आर्थिक शोषण करते हैं बल्कि जान के लिए आफत भी हैं। बावजूद जिले के जिम्मेदार चुप्पी साधे रहते हैं।

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स्वास्थ विभाग के मिलीभगत से झोलाछाप चिकित्सकों का बोलबाला खोल कर बैठे हैं मौत का दरवाजा
बलिया में झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा ऑपरेशन किए जाने, उसके बाद मरीजों की मौत हो जाने का यह मामला कोई पहला नहीं है इसके पहले भी जनपद के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रो में झोलाछाप चिकित्सकों के कारण लोग अपनी जान गंवा बैठते है पूरे जनपद में फैला इनका मकड़जाल आम लोगों के लिए मौत का दरवाजा खोल कर बैठे हैं। कई बार प्रशासन के द्वारा कार्यवाही कर इन पर अंकुश लगाने का दावा किया जाता रहा है बावजूद ऐसे मामले अक्सर सामने आते हैं जहां झोलाछाप चिकित्सकों के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है और जिम्मेदार चुप्पी साध लेते हैं। बलिया मुख्यालय हो या अन्य कोई भी क्षेत्र आपको अवैध रूप से नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन और मानक विहीन तरीके से संचालित होते मिल जाएंगे। इस मामले में लोगों का आरोप है की झोलाछाप चिकित्सकों पर अंकुश लगाना न केवल प्रशासन का फेलियर होना है बल्कि प्रशासन के जिम्मेदार लोगों के ही मिलीभगत से जिले में झोलाछाप चिकित्सकों का बोलबाला कायम है। नतीजा लोग अपनी जान गवाने को मजबूर है।












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