Azamgarh News: पूर्वजों की तलाश में अमेरिका से आजमगढ़ पहुंचे पति-पत्नी, अपनों से मिलकर हुए भावुक
अपने पूर्वजों की तलाश में अमेरिका में रहने वाला एक दंपति बुधवार को आजमगढ़ में पहुंचा। आजमगढ़ में अपने परिजनों से मुलाकात करने के बाद यहां दंपति भावुक हो गया वहीं परिवार के लोग भी भावुक नजर आए।

वर्षों से अपने पूर्वजों की तलाश कर रहे अमेरिका के रहने वाले डेविड कैनन अपनी पत्नी लीना के साथ Azamgarh पहुंचे। आजमगढ़ पहुंचने के बाद डेविड और उनकी पत्नी भावुक नजर आईं।
दरअसल, अमेरिका के रहने वाले डेविड कैनन कई साल से अपने पूर्वजों की तलाश कर रहे थे। इसी बीच उनको पता चला कि उनके पूर्वज आजमगढ़ जिले के रहने वाले थे। ऐसे में डेविड अपनी पत्नी लीना को लेकर अपने पूर्वजों से मिलने चले आए।
काफी खोजबीन और दस्तावेजों के आधार पर डेविड को उनके पूर्वजों के बारे में जानकारी मिली। उसके बाद वे थाने पहुंचे और वहां से पुलिस को लेकर गांव में गए। गांव में जब डेविड के पूर्वजों व परिवार के लोगों को इसके बारे में पता चला तो लोग ढोल नगाड़ा बजाकर डेविड का स्वागत किया।
आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील अंतर्गत कर्मनाथपट्टी गांव के रहने वाले रामखेलावन मौर्य पुत्र टहल साल 1907 में अपने गांव से मजदूरी करने के लिए कोलकाता गए थे। कोलकाता में मजदूरी करने के बाद कंपनी के अनुबंध के अनुसार रामखेलावन को त्रिनिदाद जाना पड़ा।
त्रिनिदाद में रामखेलावन काफी दिन तक मजदूरी किए। इस दौरान भारतीय मूल की रहने वाली रामकली से त्रिनिदाद में ही उनकी शादी हो गई। शादी के बाद वहीं पर निवास करने के दौरान रामकली और रामखेलावन ने बच्चों को जन्म दिया। इस तरह उसी परिवार में डेविड का भी जन्म हुआ।
डेविड करीब पांच साल से अपने पूर्वजों की तलाश कर रहे थे। बाद में दस्तावेजों की खोजबीन करते हुए कोलकाता कोलकाता से उत्तर प्रदेश व उत्तर प्रदेश से आजमगढ़ में रहने वाले अपने पूर्वज के बारे में डेविड को जानकारी मिली।
पूर्वजों के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद डेविड अपनी पत्नी लीना के साथ बुधवार को आजमगढ़ पहुंचे। आजमगढ़ पहुंचने के बाद पता चला कि रामखेलावन मौर्य के छोटे भाई पलटन मौर्य अभी जिंदा हैं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य मेहनत मजदूरी करते हैं।
इस दौरान अपने पूर्वजों से मिलकर डेविड काफी भावुक नजर आए। गांव वाले भी विदेश में रहने वाले अपने वंश से जुड़े लोगों का खूब धूमधाम से स्वागत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान के घर पर लोग नाश्ता भी किए।
पूर्वजों और उनके परिवार के आने लोगों से मुलाकात करने के बाद डेविड काफी खुश हुए और उन्होंने कहा कि साल भर के अंदर वे अपनी माता को लेकर भी यहां आएंगे। इसके बाद लोगों ने डेविड और लीना को आजमगढ़ से विदा किया।












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