आजमगढ़: दलित युवतियों से छेड़छाड़ मामले में सीएम के संज्ञान के बाद 12 आरोपी गिरफ्तार, थानाध्यक्ष सस्पेंड
आजमगढ़। आजमगढ़ में दलित युवतियों के साथ छेड़खानी के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर और एसपी को फटकार के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। पुलिस ने मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सात आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इन सातों आरोपियों पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित किया गया है। उधर, एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने सीओ को कड़ी फटकार लगाई है और महराजगंज थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है। सीएम योगी ने आरोपियों पर एनएसए लगाने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला
आजमगढ़ जिले के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक समुदाय के लोग आने-जाने वाली दलित युवतियों के साथ छेड़छाड़ करते थे। युवतियों ने इसकी शिकायत अपने परिजनों से की, जिसकी शिकायत लेकर दलित वहां पहुंचे उसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प व मारपीट हुई। इस मारपीट में लगभग दर्जन भर लोग घायल हो गए। इस घटना की जानकारी महाराजगंज थाना पुलिस को हुई, लेकिन आरोप है कि इंस्पेक्टर महराजगंज ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सीएम की फटकार के बाद 12 आरोपी गिरफ्तार, महराजगंज थानाध्यक्ष सस्पेंड
इस मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया और एसपी को फटकार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एनएसए लगाने का आदेश दिया। सीएम योगी ने प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश देते हुए कहा है कि अगर कहीं भी सांप्रदायिक या जातीय घटना हुई तो इंस्पेक्टर और सीओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, जिले के एसपी पर जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री का फरमान आते ही पुलिस एक्शन में आई और इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सात आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीमें लगा दी हैं। एसपी ने इस मामले में लापरवाही बरतने व इस मामले में कड़ी कर्रवाई न करने के मामले में थानाध्यक्ष महराजगंज को निलंबित कर दिया है।












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