UP News: बहन की लाश को दुपट्टे से बांधकर बाइक पर ले गया भाई, रुला देगा Video, डिप्टी सीएम ने लिया सख्त एक्शन
UP Auraiya News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए कदम उठाए रहे हैं। बावजूद इसके कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जो सरकारी योजनाओं का पलीता लगा रहे हैं।
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद का है जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस ना मिलने के चलते एक भाई अपनी मृत बहन की लाश को बाइक पर रखकर दुपट्टे से बांधकर अपने घर लेकर जाते हुए दिखाई दे रहा है।

इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रदेश में हड़कंप गया। वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लोगों द्वारा उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाया गया। इधर मामले से डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सख्त एक्शन लिया है।
करंट लगने से हुई थी मौत
दरअसल, यह पूरा मामला औरैया जनपद के बिधूना नगर नवीन बस्ती की है। बताया जा रहा है कि गांव के रहने वाले प्रबल प्रताप सिंह की 20 वर्षीय बेटी अंजलि मंगलवार को नहाने के लिए पानी गर्म करने के लिए उसमें राड लग रही थी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई।
करंट की चपेट में आने के बाद परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंजलि की मौत हो जाने के बाद बगैर पोस्टमार्टम किए अंजलि की लाश को घर वालों को ले जाने के लिए बोल दिया गया।
इस दौरान एंबुलेंस की व्यवस्था न होने के चलते अंजलि के पिता प्रबल प्रताप सिंह और भाई आयुष तथा दूसरी बहन मृत अंजलि की लाश को उठाकर बाइक पर रखते हैं। उसके बाद दुपट्टे के सहारे अंजलि की लाश को उसके भाई आयुष के साथ बांधा जाता है।
यह हृदय विदारक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का कलेजा फट गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए जाने लगा। मामले की जानकारी डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक तक पहुंची तो इस मामले में उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक तथा प्रकरण से संबंधित डॉक्टर को एक-एक प्रतिकूल प्रविष्टि देकर तत्काल वहां से हटाए जाने के आदेश सीएमओ को दिए।
देखें Video-
वह लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं कि डॉक्टर के साथ ही एंबुलेंस के लिए लोगों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों में अक्सर देखा जाता है कि जो भी मरीज खुद के वाहन से आते हैं और अस्पताल में उनकी मौत हो जाती है, उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। कुछ लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है मामले में चिकित्सकों को निलंबित किया जाना चाहिए।












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