'या त अबकी जिताय द...', कटेहरी में BJP प्रत्याशी का अजीबोगरीब पोस्टर, जिला अध्यक्ष ने बताया साजिश
उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार कर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट से एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है।
यह पोस्टर जितनी तेजी से लगाया गया था, उतनी ही तेजी से पोस्टर को हटवा भी दिया गया। दरअसल, इस पोस्टर को लेकर पहले दावा किया गया कि यह पोस्टर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी धर्मराज निषाद द्वारा लगाया गया है। हालांकि जब यह पोस्टर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पार्टी ने किनारा कर लिया।

सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल होने के बाद लोगों द्वारा तरह-तरह का कमेंट किया जाने लगा उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी द्वारा इसे गलत बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। प्रत्याशी और उनके बेटे से मेरी बात हुई है, उनकी तरफ से ऐसा कोई पोस्टर नहीं लगा था।
इधर, पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव का कहना है कि इस तरह की ओछी भावनाओं के चलते जनता वोट नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम भाजपा प्रत्याशी के दीर्घायु होने की कामना करते हैं लेकिन अपनी हार को देखकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कोई हथकंडा नहीं छोड़ना चाहते हैं।
अब आईए जानते हैं क्या था उसे पोस्टर में?
दरअसल, गुरुवार की रात में अंबेडकर नगर के कटेहरी विधानसभा से एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी धर्मराज निषाद की तस्वीर लगी हुई थी।
फोटो लगाने के अलावा इस पोस्टर पर भोजपुरी में लिखा गया था कि 'या त अबकी जिताय द, या त टिकठी पे लेटाय दा'। अर्थात लिखा गया था कि या तो अबकी बार चुनाव जीता दीजिए या फिर मृत्यु शैया पर लिटा दीजिए। दावा किया जा रहा था कि अंबेडकर नगर के कटेहरी विधानसभा सीट के प्रत्याशी धर्मराज निषाद द्वारा ही यह पोस्टर लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर आते ही या पोस्ट जमकर वायरल होने लगा। यूजर्स द्वारा इस पोस्ट को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए तरह-तरह की कमेंट लिखे गए। जब यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पार्टी द्वारा इसे विरोधियों की साजिश बताई गई। फिलहा, सच्चाई कुछ भी हो लेकिन अब यह पोस्टर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।












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