दोस्त की मां की जान बचाने के लिए चंडीगढ़ से रेमेडिसविर लेकर 420 KM दूर अलवर बाइक पर आया दोस्त
अलवर, 17 मई। दोस्ती के कई किस्से फिल्मों में बहुत देखे होंगे, लेकिन रियल जिंदगी में दोस्ती की मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है। हालांकि समाज में आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं, जो दोस्ती को अपने रिश्तेदारी से ज्यादा अहमियत देते हैं। दोस्त के साथ सुख, दुख में शामिल होकर अपनी दोस्ती का फर्ज निभाते हैं।
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आठ घंटे में पूरा किया 420 किमी का सफर
ऐसी ही दोस्ती देखने को अलवर शहर में मिली है। चंडीगढ़ में रहने वाले अर्जुन बाली अलवर शहर के बनर्जी बाग निवासी अपने दोस्त साहिल सिंह राठौड़ की कोरोना संक्रमित की जान बचाने के लिए चंडीगढ़ से बाइक पर अलवर रेमेडिसविर इंजेक्शन लेकर पहुंच गया। 420 किलोमीटर का यह सफर उसने करीब 8 घंटे में पूरा किया। कोरोना से पीड़ित साहिल की माता को इंजेक्शन मिलने से उनकी हालत में अब पहले से सुधार है।

सात मई को खराब हुई थी मां की तबीयत
उनकी 7 मई से तबीयत खराब हुई थी। साहिल के पिता आर्मी में हैं। ऐसे में अलवर के मिल्ट्री हॉस्पिटल में उसकी माता का इलाज चल रहा था। रेमेडिसविर इंजेक्शन अलवर में उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। साहिल के दोस्त अर्जुन को चंडीगढ़ में जब अइस बात का पता चला तो वह बाइक से 13 मई की शाम 4 बजे चंडीगढ़ से इंजेक्शन लेकर निकला और रात करीब 12 बजे अलवर पहुंचा।

अलवर में अर्जुन का हुआ स्वागत
चंडीगढ़ से अर्जुन के अलवर पहुंचने पर साहिल के परिजनों व भाजपा जिला अध्यक्ष संजय नरूका, जिला मंत्री जितेंद्र सिंह राठौड़ सहित अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया। उनके इस कार्य की सभी ने सराहना की।

11वीं कक्षा में हुई थी दोनों में दोस्ती
अर्जुन ने बताया कि साहिल और वह 11वीं कक्षा में चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय विद्यालय में साथ पढ़ते थे। तभी से वह लगातार साथ-साथ पढ़ रहे हैं और तभी से दोस्ती है। अभी दोनों चंडीगढ़ में ही डिफेंस की तैयारी कर रहे हैं। अर्जुन ने बताया कि कोरोना के चलते साहिल अलवर आ गया। जब उस से बात हुई तो इस घटना की जानकारी मिली। अभी वह अपने दोस्त के घर अलवर ही रुके हुए है।












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