प्रयागराज के शिशिर यादव ने PCS J परीक्षा में हासिल की दूसरी रैंक, बोले- माता-पिता ने किया था प्रेरित
UPPSC-J 2022 Result: उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीज) परीक्षा-2022 का अंतिम चयन परिणाम घोषित हो गया है। इस परीक्षा में प्रयागराज के शिशिर यादव ने अपने पहले ही प्रयास में दूसरी रैंक हासिल की है।
शिशिर यादव, प्रयागराज के नैनी इलाके के रहने वाले है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शिशिर यादव ने कहा कि शुरू से ही मैं एक एवरेज स्टूडेंट रहा हूं। मेरे माता-पिता ने मुझे प्रेरित किया, जिसके बाद में प्रवेश परीक्षा में भाग लिया और सफलता हासिल की।

शिशिर की मानें तो वह शुरूआत में एक एवरेज स्टूडेंट थे। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई प्रयागराज के महर्षि विद्या मंदिर नैनी से की है। शिशिर को 10वीं में 7.2 सीजीपीए था और 12वीं में 76 फीसदी अंक हासिल किए थे। 12वीं के बाद शिशिर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएएलएलबी 2020 में पूरी की।
इसके बाद यहीं से एलएलएम किया। खबर के मुताबिक, शिशिर यादव शुरू से ही न्यायिक सेवा में जाना चाहते थे। इसीलिए और किसी प्रतियोगी परीक्षा के बारे में नहीं सोचा था। शिशिर यादव ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा,
मैंने 10वीं कक्षा की परीक्षा में अपने दोस्तों की तुलना में कम अंक प्राप्त किए थे। 12वीं के बाद में क्लैट की तैयारी की थी, जिसमें मेरा सिलेक्शन हुआ नहीं था। तो मुझे लगा कि अब मुझे अपनी लाइन बदल लेनी चाहिए। इस दौरान मेरे माता-पिता ने मुझे प्रेरित किया और मैंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सफल हो गया।
#WATCH मैंने 10वीं कक्षा की परीक्षा में अपने दोस्तों की तुलना में कम अंक प्राप्त किए थे... मेरे माता-पिता ने मुझे प्रेरित किया और मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सफल हो गया... मैं हमेशा एक औसत छात्र था लेकिन 2018 के बाद मैंने एक दिनचर्या का पालन किया और मेरी… pic.twitter.com/98vF3NGsCm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 31, 2023
शिशिर यादव ने कहा कि शुरू के समय तो मैं केवल एवरेज छात्र था। कुछ सीनियर, प्रोफेसर ने मुझे मोटिवेट किया और दोस्तों ने भी मेरा साथ दिया। जिसके बाद मेरी पढ़ाई में रुचि बढ़ी और मैंने 2018 के बाद एक दिनचर्या का पालन किया। शिशिर ने बताया कि पीसीएस-जे परीक्षा 2022 का पहली बार फार्म डाला।
परीक्षा हुई और पेपर अच्छा गया। सिलेक्शन का तो भरोसा था पर इस बात का विश्वास नहीं था कि दूसरी रैंक मिलेगी। शिशिर के पिता कृपा शंकर यादव व मां शकुंतला यादव भी एडवोकेट हैं। मेरे छोटे भाई समीर ने 2022 में ही अपनी पढ़ाई पूरी की है।
घर में शुरू से ही वकालत पेशे को लेकर पॉजिटिव माहौल था। यही कारण रहा कि मेरे मन में इसी क्षेत्र में करियर बनाने का ऐम था। मेरे मां-बाप ने कभी ये नहीं कहा कि क्या पढ़ो और क्या न पढ़ो। उन्होंने मेरे ऊपर ही छोड़ रखा कि मैं किस करियर में जाऊंगा।












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