PM Modi 3 Appeals: क्या लग सकता है Lockdown? PM की अपीलों ने बढ़ाई चिंता, लोगों ने पूछे ये सवाल
PM Modi 3 Appeals: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। हैदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से कुछ अहम अपीलें कीं, जिनकी तुलना लोग कोविड लॉकडाउन के दौर से करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत फिर किसी आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है?
हालांकि सरकार की ओर से किसी लॉकडाउन या पाबंदी की घोषणा नहीं हुई है लेकिन प्रधानमंत्री की अपीलों ने लोगों को कोरोना काल की याद जरूर दिला दी है। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे समय में देशवासियों को राष्ट्रीय हित में कुछ अस्थायी बदलाव अपनाने चाहिए, ताकि आर्थिक दबाव कम किया जा सके।
PM मोदी की 3 बड़ी अपीलें क्या-क्या हैं?
Work From Home कल्चर को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां संभव हो, वहां फिर से 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाया जाए। पीएम मोदी ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों ने ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस और घर से काम करने की आदत डाल ली थी। अगर दोबारा जरूरत पड़े तो ऐसे सिस्टम को फिर अपनाया जा सकता है। उनका कहना था कि इससे यात्रा कम होगी और पेट्रोल-डीजल की खपत घटेगी हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह कोई आदेश नहीं, बल्कि स्वैच्छिक अपील है।
पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने की और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की अपील की। उन्होंने मेट्रो, बस और कार-पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही उद्योगों से कहा गया कि माल ढुलाई के लिए सड़क की बजाय रेलवे का अधिक उपयोग करें। पीएम मोदी ने इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा बचत की आदतों को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा 'देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।'
एक साल तक सोना न खरीदने की सलाह
पीएम मोदी की तीसरी अपील ने सबसे ज्यादा चौंकाया। उन्होंने लोगों से खासकर शादी-ब्याह के लिए गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की।भारत हर साल भारी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। ऐसे समय में जब तेल और गैस का आयात पहले से महंगा हो चुका है, सोने की खरीद कम होने से आर्थिक दबाव घट सकता है। हालांकि यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि भारत में शादियों और निवेश दोनों में सोने का विशेष महत्व है।
विदेश यात्रा और विदेशी शादी से भी बचने की सलाह
प्रधानमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालने और विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की भी अपील की।उन्होंने कहा कि लोग भारत में ही पर्यटन करें और "मेड इन इंडिया" उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन?
फिलहाल सरकार की ओर से किसी लॉकडाउन, ट्रैवल बैन या अनिवार्य पाबंदी का कोई ऐलान नहीं किया गया है। पीएम मोदी का पूरा संदेश केवल स्वैच्छिक सहयोग, ईंधन बचत और जिम्मेदार खर्च पर केंद्रित थालेकिन वर्क फ्रॉम होम और कम यात्रा जैसी सलाहों ने कोरोना काल की यादें ताजा कर दी हैं।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग नए लॉकडाउन जैसी अटकलें लगाने लगे हैं। एक्स पर तो कुछ देर के लिए lockdown ट्रेड भी करने लगा था। फिलहाल सरकार का फोकस साफ है, जिसका सार है- 'कम ईंधन खपत, घरेलू उत्पादों को बढ़ावा और विदेशी निर्भरता में कमी।'














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