रेप मामले में घोसी गठबंधन प्रत्याशी को झटका, बाहुबली को हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
Prayagraj News, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय को झटका दिया है। दुष्कर्म व वीडियो वायरल करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया है। साथ ही मुकदमा रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक के लिये बाहुबली की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल की गयी याचिका को खारिज कर दिया गया है।

डबल बेंच में हुई सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतुल राय की दाखिल याचिका पर डबल बेंच में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एससी गुप्ता की खंडपीठ को याची की ओर से बताया गया कि यह पूरा मामला फर्जी है। हालांकि साक्ष्यों की मौजूदगी के अलावा बाहुबली पर गुच्छो में दर्ज मुकदमों ने उनकी मुश्किल बढा दी। साथ ही दर्जनों मुकदमे वाले लोगों पर हाईकोर्ट की पिछले दो साल से चल रही सीधी सख्ती का प्रभाव बाहुबली पर भी पडा और हाईकोर्ट ने आपराधिक रिकार्ड की भरमार देखते हुये राहत देने से साफ मना कर दिया। दरअसल सरकार की ओर से जो पक्ष रखा गया उसमें बताया गया कि बाहुबली पर हत्या, अपहरण और बलात्कार जैसे 42 आपराधिक मामले चल रहे हैं। कोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना और बार-बार अपराध करने की प्रवृत्ति से जोडकर इस याचिका को खारिज कर दिया है।

क्या है मामला
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के अनुसार बाहुबली अतुल राय पर बलिया की एक युवती ने दुष्कर्म, धोखाधड़ी, धमकी देने समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया है। लंका थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार 7 मार्च 2018 को अतुल राय ने उसे अपनी पत्नी से मिलाने के बहाने रेस्टोरेंट में बुलाया और फिर उसे कमरे में ले जाकर दुराचार किया। युवती का आरोप है कि दुराचार का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड किया गया था। पिछले दिनों युवती ने सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाई और ट्वीट के माध्यम से डीजीपी से शिकायत की। जिसके बाद डीजीपी कार्यालय से बनारस पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश मिला और फिर अतुल राय पर मुकदमा लिखा गया। वहीं, इस पूरे मामले में अतुल राय का कहना है कि यह सब भाजपा का षडयंत्र है, पूरा मामला फर्जी हैं। युवती मुझसे चुनाव के नाम पर मदद मांगने आया करती थी और अब जब मैं लोकसभा का प्रत्याशी बन गया तो ब्लैकमेल कर रही है। अतुल राय ने कोर्ट को बताया कि युवती द्वारा ब्लैकमेल करनी की रिपोर्ट उन्होंने बलिया के नरही थाने में दर्ज कराई है। इस मामले की जांच सीबीआई से करायी जाये।
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