Prayagraj News: 'सलीम अंसारी' बन गए 'वेदव्रत शुक्ल', बोले- कई सालों से बनना चाहता था हिंदू, बताई ये वजह
Prayagraj News: प्रयागराज के झुंसी में स्थित कैलाश धाम आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में एक शख्स इस्लाम धर्म त्याग कर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। सनातन धर्म स्वीकार करने के पीछे का कारण भी उसने बताया।
दरअसल, 25 वर्षीय सलीम अंसारी उर्फ बबलू पुत्र वाजिद अली घूरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने बताया कि उसके पिता वाजिद अली का दस साल पहले इंतकाल हो गया। उसकी बहन रोशनजहां है जिसकी शादी हो चुकी है।

सलीम ने बताया कि अभी वह शादी नहीं किया है और अपनी बुढ़ी मां के साथ म्योराबाद में किराए का कमरा लेकर रहता है और ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है।
उसने बताया कि बचपन से ही सनातन धर्म के प्रति उसका काफी लगाव था। किराए के मकान में भी वह भगवान शिव की पूजा करता है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो पूजा करने को लेकर उसकी मां ने कभी नाराजगी नहीं जताई।
सलीम ने बताया कि 31 जनवरी को वह ऑटो चला रहा था इसी दौरान उसे एक पोस्टर मिला। पोस्ट पर लिखा गया था कि झुंसी के कैलाश धाम आश्रम में एक कार्यक्रम होने वाला है। ऐसे में सलीम ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर सनातन धर्म स्वीकार करने की योजना बनाई।
6 फरवरी को सलीम आश्रम में पहुंच गया और आश्रम के लोगों से बातचीत की। इस दौरान आश्रम के महंत स्वामी कृष्णानंद द्वारा उसे बताया गया कि सनातन धर्म में शामिल होने के लिए इसका शुद्धिकरण करना पड़ेगा।
ऐसे में सलीम तैयार हुआ और 2 दिन पूर्व कैलाश धाम आश्रम में चल रहे 201 कुंडीय यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्र 4 के साथ इसका शुद्धिकरण और यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। संस्कार पूरा होने के बाद सलीम अंसारी को वेद व्रत शुक्ला नाम दिया गया। वेद व्रत द्वारा बताया गया कि अब वह अपने गुरु द्वारा बताए गए रास्ते पर चलेगा। वहीं सलीम द्वारा इस्लाम धर्म त्याग कर सनातन धर्म स्वीकार करने को लेकर लोगों में चर्चा चल रही है।












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