प्रयागराज: गंगा-यमुना में आई बाढ़ से सहमे 1 लाख लोगों ने किया पलायन, सेना से मांगी मदद
प्रयागराज। गंगा और यमुना नदियों में आई बाढ़ के पानी ने संगम नगरी प्रयागराज में हाहाकार मचा दिया है। बाढ़ का पानी कछार इलाके के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों के करीब 30 हजार घरों में घुस गया है और एनडीआरएफ की टीम बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को घर से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू कर रही है। इस बीच ऐसी खबरें आ रही है कि हालात से निपटने के लिए अब सेना की मदद लेने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही बाढ़ में फंसे हुए हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए एयरफोर्स से हेलीकॉप्टर की मदद मांगी गई है।

सेना से मांगी गई मदद
मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने बताया कि हालात से निबटने के लिए एनडीआरएफ से और टीम बढ़ाए जाने की सिफारिश की गई है। साथ ही सेना से भी मदद मांगी गई है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम पिछले तीन दिनों में 1000 से ज़्यादा लोगों को बोट के ज़रिए रेस्क्यू करके बाहर निकाल चुकी है। इसके साथ ही एक हजार से ज़्यादा लोगों ने बाढ़ राहत केंद्रों में शरण ली है। प्रयागराज में बाढ़ की वजह से 5 लाख से ज़्यादा की आबादी प्रभावित है। कई जगह तो हालात इतने खराब हैं कि लोगों के घरों की पहली मंज़िल पूरी तरह डूब गई है।

लगातार बढ़ रहा है जलस्तर
गंगा एक सेमी और यमुना के दो सेमी प्रति घंटा बढ़ने से थोड़ी राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन 16 सितंबर दोपहर बाद सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम से जारी बुलेटिन में चंबल का 16 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़े जाने की जानकारी दी गई। तीन दिन यानि (आज) यह पानी यहां पहुंचेगा तो यमुना का जलस्तर 86 से 87 मीटर तक जा सकता है, जो खतरे के निशान से दो मीटर से अधिक है। शाम पांच बजे बाढ़ खंड ने यमुना में अलग-अलग बांधों से 25 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने का बुलेटिन जारी किया। जिसमें बताया गया कि राजस्थान के धौलपुर बैराज से 18.93 लाख 567 क्यूसेक और कोटा बैराज से 6.66 लाख, 758 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। ऐसा अनुमान है कि इस पानी के यहां आने के बाद गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी, जिससे बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों को पारकर शहर में घुस सकता है।

सभी स्कूल 3 दिन के लिए बंद
तकरीबन 1 लाख लोग घर बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। सड़कें और रास्ते पानी में डूबने की वजह से कई जगहों पर लोगों का संपर्क बाकी जगहों से कट गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों के 12वीं तक के सभी बोर्डों के स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, मंडलायुक्त की ओर से डीएम व एसएसपी को हालात से निबटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।












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