पाकिस्तान में खोयी गीता के हैं कई मां-बाप, प्रतापगढ़ में निकला तीसरा परिवार
प्रतापगढ़। पिछले 10 साल से पाकिस्तान में फंसी गीता की घर वापसी के लिए अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। लेकिन गीता के परिजनों का हर रोज बढ़ने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है।

प्रतापगढ़ के एक परिवार ने अब गीता के मां-बाप होने का दावा किया है। प्रतापगढ़ के इस परिवार ने यह भी दावा किया है कि गीता का वाास्तविक नाम गीता नहीं है। परिवार का कहना है कि गीता का वास्तविक नाम सविता है और वह छपरा जिले से गायब हुई थी।
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परिवार ने गीता को अपनी बेटी बताते हुए उसकी घर वापसी कराने की अपील की है। लेकिन गीता के परिजन होने का दावा करने वाला यह पहला परिवार नहीं है। इससे पहले भी कई परिवारों ने गीता के मां-बाप होने का दावा किया है।
इससे पहले चंडीगढ़ की एक महिला ने गीता की मां होने का दावा किया था। इसके अलावा बोकारो जिले में रहने वाले भुललो महतो और बचनी देवी ने भी गीता के मां-बाप होने का दावा किया है। परिवार का कहना है कि उनकी लापता बेटी कोकिया की शक्ल पाकिस्तान में पायी गयी गीता से मिलती है।
कोकिया का कहना है कि जब गीता 10 साल की थी तो वह बकरी चराने निकली थी लेकिन वह वापस नहीं लौटी। हमने उसकी तकरीबन 2 साल तक तलाश की लेकिन आजतक उसका कोई अता-पता नहीं मिला।












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