पत्नी हसीन जहां के साथ विवाद में मोहम्मद शमी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

प्रयागराज। भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी व उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच चल रहे विवाद में एक बार फिर से नया मोड़ आ गया है। दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां द्वारा अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। पुलिस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी ओर से शपथ पत्र दाखिल कर दिया है और हसीन जहां के सभी तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट को पुलिस ने बताया है कि जिस तरह के आरोप हसीन जहां ने याचिका में लगाया है ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। हसीन जहां अपनी ओर से मनगढ़ंत कहानी बना कर अदालत को ही गुमराह कर रही है।

जारी हुआ था नोटिस

जारी हुआ था नोटिस

बता दें कि हसीन जहां द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल की गई अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने पक्षकारों को नोटिस जारी किया था। जिसमें डिडौली थाना व बरेली पुलिस कप्तान को भी नोटिस का जवाब दाखिल करना था। इस क्रम में पुलिस ने अपना जवाब दाखिल किया और हाईकोर्ट के सामने पूरी विवेचना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। विवेचना रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि किस तरह घटनाक्रम हुआ था और पुलिस ने किस तरह कार्रवाई की थी, इसकी पूरी जानकारी हाईकोर्ट को दी गई। पुलिस की ओर से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता संजय कुमार ने बताया कि याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से गलत है। वास्तव में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। याचिका में पूरी तरह से गलत तथ्य बताकर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल तात्कालिक रूप से मोहम्मद शमी को इस मामले में राहत मिलती दिखाई पड़ रही है। जबकि हाईकोर्ट ने हसीन जहां को भी पुलिस की रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करने का समय दिया है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी कर रहे हैं।

क्या है मामला

क्या है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में हसीन जहां ने पुलिसिया कार्रवाई को टारगेट करते हुये अवमानना को आधार बनाकर याचिका दिखल की थी। जिसमें हसीन जहां ने बताया है कि 28 अप्रैल 2019 को वह अपनी बेटी और मेड के साथ अमरोहा गयी थी और अपने कमरे में आराम कर थी। इसके बाद उनके पति शमी व उनके परिजनों के कहने पर रात में लगभग साढे 8 बजे एसएचओ दिदौली देवेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ आये और उनसे आने कारण समेत कुछ पूछताछ की और वापस चले गये। लेकिन रात लगभग 12 बजे पुलिस दोबारा आई और दरवाजा पीटने लगी। जब उसने दरवाजा खोला तो पुलिस कमरे में घुसकर गाली गलौज करने लगी। रात में बेटी समेत उसे थाने ले आया गया और रात भर थाने में बैठाया रखा गया। जबकि अगले दिन उसका चालान कर दिया गया।

अदालत में क्या हुआ

अदालत में क्या हुआ

हसीन जहां की ओर से दाखिल याचिका में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुये इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना बताया गया है। साथ ही डीके बसु केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किये गये नियमों का उल्लंघन होना बताया है। हसीन जहां ने अदालत को बताया था कि उसे न तो उसके वकील से संपर्क करने दिया गया और ना ही परिजनों को सूचना दी गयी। सारी रात उसे थाने में बैठाकर शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान किया गया। पुलिस ने उसके साथ गलत बर्ताव किया था। मामले में दिदौली थानेदार समेत पांच लोगों को इसमें पक्षकार बनाया गया है। हसीन ने आरोप लगाया कि ये सब शमी के कहने पर हुआ था। वहीं अब इस मामले में पुलिस ने अपनी विवेचना रिपोर्ट पेश कर हसीन जहां के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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