उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ गैर जमानती वारंट, कुर्की के आदेश
प्रयागराज। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ एमपी-एमएलए (स्पेशल कोर्ट) ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने कुर्की की कार्रवाई भी शुरू करने के आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि यह कार्रवाई 19 अगस्त 2008 में दर्ज हुए एक मुकदमें की सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित न होने पर की गई है। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद कर रहे हैं। इस मुकदमे की अगली सुनवाई अब 24 नवंबर को होगी और तब तक पुलिस को संबंधित कार्रवाई को पूरा करने का निर्देश दिया है।

क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में तत्कालीन विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू एक जन आंदोलन के दौरान रेलवे लाइन पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान रेल की पटरी पर बैठकर ट्रेनें रोक दी गयी और संचालन बाधित किया गया। इसी मामले में घटना वाले दिन यानी 19 अगस्त 2008 को कुशीनगर के आरपीएफ थाना कप्तानगंज में आरपीएफ पुलिस ने रेल अधिनियम की धारा के तहत उनपर मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे की सुनवाई कुशीनगर में होने लगी, लेकिन अजय वहां हाजिर नहीं हो रहे थे। इसी बीच यह मामला प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट आ गया। जहां सुनवाई के दौरान पुन: अजय के विरूद्ध वारंट जारी हुआ, लेकिन अजय की ओर से पुरानी प्रक्रिया के तहत अदालत के आदेश की अनदेखी जारी रही। जिस पर नाराज कोर्ट ने इस मामले में अजय के विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट को तामिल कराने के साथ कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा डुग्गी पिटवाओ
स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की घोर लापरवाही को देखते हुए सख्त रूख अपना लिया है और साफ लहजे में कहा है कि कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने के लिए डुग्गी पिटवाई जाये। अदालत ने वारंट को तामिल करवाने के लिए कुशीनगर के एसपी को भी पत्र लिखा है और वारंट को तामिल कराने को कहा है। बता दें कि कुर्की की कार्रवाई शुरू करने के दौरान नगाडा बजाकर मुनादी कराई जाती है। इसमें वारंटी के घर पर मोहल्ले में चिल्ला चिल्ला कर कार्रवाई की जानकारी दी जाती है। इसे डुग्गी पिटवाना कहते हैं। यह कानूनी रूपी से चली आ रही पुरानी परंपरा है, जिसका निर्वाहन लगातार किया जाता है।












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