भाजपा विधायक अशोक राणा को अपहरण मामले में बड़ी राहत, कोर्ट ने दोषमुक्त कर किया बरी
Prayagraj news, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से भाजपा विधायक अशोक राणा को बड़ी राहत मिली है। प्रयागराज की सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट ने अशोक राणा पर चल रहे अपहरण के मुकदमे में बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने विधायक को दोषमुक्त करार देते हुए मुकदमे से बरी कर दिया है। विधायक के साथ नामजद किए गए 6 अन्य लोगों को भी राहत मिली है और विधायक के साथ उन्हें भी दोषमुक्त करते हुए मुकदमे से बरी कर दिया गया है।

क्या है मामला
मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर का है। वर्ष 2012 में यहां के रहने वाले सुबोध शर्मा के अचानक लापता हो गए। जिस पर उनकी पत्नी दीपा शर्मा ने पुलिस में शिकायत की और आरोप लगाया कि विधायक व उनके साथियों ने उनके पति सुबोध का अपहरण कर लिया है। आरेाप के क्रम में 5 जून 2012 को धामपुर थाने में अपहरण का मुकदमा लिखा गया। जिसमें विधाायक अशोक राणा समेत प्रियंकर राणा, उदित नारायण, जयवीर सिंह, सुमित चौहान राजवीर गहलोत, अशरफ उर्फ लंगड़ा और राजवीर सिंह को नामजद किया गया था। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी और यह मामला बिजनौर में ही चल रहा था।
स्पेशल कोर्ट में आया फैसला
2012 के इस मुकदमे की पत्रावली ट्रांसफर होकर प्रयागराज स्थित सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट पहुंची। जहां विशेष जज पवन कुमार तिवारी ने इस पर सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान मुकदमा दर्ज कराने वाली दीपा शर्मा का बयान हुआ तो उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं को नहीं जानती हैं। कुछ लोगों के दबाव में उन्होंने बीजेपी विधायक समेत अन्य लोगों को नामजद किया था। कोर्ट ने वादी के अपने बयान से पलट जाने व आरोपियों के विरूद्ध मुकदमा सुनवाई के लिये कोई आधार ना पाते हुये फैसला सुनाया और विधायक समेत सभी आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है।












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