आचार संहिता उल्लंघन मामले में प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
Prayagraj news, प्रयागराज। प्रतापगढ़ के सांसद व इस बार टिकट कटने से परेशान सांसद हरिवंश सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब उनके विरूद्ध पिछले चुनाव के दौरान किए गए आचार संहिता उल्लंघन के मामले भी खुल गए हैं और स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं, एक अन्य मुकदमे में फिरोजाबाद के दिग्गज भाजपा नेता व पूर्व विधायक मोहन देव शंखवार व उनके विपक्षी के बयान से पलट जाने पर दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश प्रयागराज की सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट ने जारी किया है।

क्या है सांसद का मामला
भाजपा व अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी रहे हरिवंश राय सिंह 2014 में प्रतापगढ़ लोकसभा से उम्मीदवार थे। इस दौरान उन पर 13 अप्रैल 2014 को तत्कालीन एसडीएम लल्लन राय ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था और उन पर आरोप था कि उन्होंने बिना अनुमति लिए चुनाव कार्यालय खोला था। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह मामला प्रतापगढ़ जिला अदालत में चल रहा था, जो अब प्रयागराज की सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट में आया हुआ है। इस मुकदमे में पूर्व में ही सांसद को वारंट जारी हुआ था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। मुकदमे पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं।
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झूठी गवाही देने पर पूर्व विधायक पर केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से विधायक रहे व भाजपा नेता मोहन देव शंखवार का 16 जनवरी 2013 को पडोसी मुन्ना लाला से नाली के विवाद में झगड़ा हुआ और मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ क्रास केस दर्ज कराया था। यह मुकदमा कोर्ट में ट्रायल पर था। स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरूद्ध जिन आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया था, सुनवाई के दौरान जब गवाही देनी हुई तो दोनों पक्ष अपने बयान से मुकर गए।

कोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख
इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और सालों तक कोर्ट का समय खराब करने पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को झूठी गवाही देने पर उनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में अदालत ने मारपीट के केस से सभी आरोपियों को बरी कर दिया है, लेकिन अब इन दोनों पक्षों पर झूठी गवाही देने मामले में फिर से सरकार की ओर मुकदमा चलाया जाएगा। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।












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