इलाहाबाद: डॉ. बंसल मर्डर मिस्ट्री: चुनावी मुद्दा बनने से पहले सीबीआई को मिल सकती है जांच
डॉ. बंसल मर्डर मिस्ट्री में चल रही शूटर की तलाश में एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ आते-आते रह गई। शूटर नीरज वाल्मीकि की लोकेशन कानपुर में मिलते ही ताबड़तोड़ छापेमारी हुई लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में विधायक राजू पाल हत्याकांड में जिस तरह पुलिस की दर्जनों टीमें कुछ नहीं कर सकी थी और अंत में केस सीबीआई को ही सौंपना पड़ा था। वहीं, हालात एक बार फिर इलाहाबाद पुलिस के सामने वैसे ही है। गौरतलब है कि अरबपति सर्जन डॉ. एके बंसल की हत्या के 9 दिन बाद भी पुलिस और एसटीएफ के हाथ खाली हैं। न शूटरों का पता है न ही मर्डर के कारण का। इस गर्म चुनावी माहौल के बीच बंसल की हत्या कहीं चुनावी मुद्दा न बन जाये, यह डर आलाधिकारियों से लेकर सरकार तक को सता रहा है। सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने को लेकर लोकल इनपुट रिपोर्ट तलब की है। जबकि पुलिस के आला अफसर भी खाकी की इज्जत बचाने के लिए सिफारिश का मौका ढूंढ रहे हैं। ये भी पढ़ें: इलाहाबाद: क्या डॉन मुन्ना बजरंगी ने करवाई डॉक्टर बंसल की हत्या?

सीबीआई है अंतिम चारा
डॉक्टरों के बीच खाकी की किरकिरी तो शुरू से ही हो रही थी, लेकिन अब चुनावी माहौल में इसे पूरे सूबे में गूंजने से रोकना असंभव सा है। अगर पुलिस और एसटीएफ की टीमों के हर दिन का लेखा-जोखा देखे तो दिन-रात मेहनत हो रही है। लेकिन बंसल के विवादों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि कानून के हाथ छोटे लगने लगे हैं। पुलिस साक्ष्यों के बिना पर्दाफाश नहीं कर सकती और असली कातिल को तलाश मानो बीरबल की खिचड़ी हो गई है। बंसल की हत्या से अखिलेश सरकार को कानून- व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा जाएगा। ये तय है कि ऐसे में हर रोज केस की प्रगति लखनऊ तलब हो रही है। एक बात तो यह भी तय है कि इस सप्ताह के बाद हालात अच्छे नहीं रहेंगे। इलाहाबाद से जो आंदोलन शुरू होगा वह समूचे देश को गिरफ्त में लेगा। ऐसे में सीबीआई जांच ही अंतिम चारा होगी।

कानपुर में छिपा है शूटर वाल्मीकि
डॉ. बंसल मर्डर मिस्ट्री में चल रही शूटर की तलाश में एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ आते-आते रह गई । शूटर नीरज वाल्मीकि की लोकेशन कानपुर में मिलते ही ताबड़तोड़ छापेमारी हुई लेकिन वह हाथ नहीं लगा। शूटर वाल्मीकि, मुख्य संदिग्ध राजा पाण्डेय की गैंग का सबसे खास शार्प शूटर है और एसओ बारा राजेंद्र द्विवेदी की हत्या में भी शामिल था। सूचना मिली थी कि वाराणसी के कुख्यात अपराधी रईस ने अपने ननिहाल बाबूपुरवा में वाल्मीकि को पनाह दिलाई है। पुलिस व एसटीएफ की टीमों ने कई इलाकों में दबिश दी, लेकिन नीरज पकड़ में नहीं आया।

लावारिश वाहनों में क्लू की तलाश
पुलिस टीमों ने लावारिस मिले वाहनों का खाका तैयार करवाना शुरू कर दिया है। क्योंकि शूटरों ने चोरी या लूट के वाहन का इस्तेमाल किया होगा। हत्या के बाद उस वाहन को कहीं लावारिश छोड़ दिया होगा। अगर पुलिस उस वाहन तक भी पहुंच सकी तो कुछ क्लू मिलने की संभावना है। हालांकि अभी तक इलाहाबाद की सीमा में लावारिस कार या बाइक नहीं मिली जिससे किसी क्लू की गुंजाइश ही नहीं बनी।

दर्जनों लोगों से की जा रही है हर दिन पूछताछ
एसटीएफ टीम मर्डर केस को सुलझाने के लिये हर दिन दर्जनों लोगों से पूछताछ कर रही है। जमीन से जुड़े डीलर, मेडिकल क्षेत्र के डॉक्टर, व्यवसायी व कॉलेज से जुड़े लोगों से पूछताछ कर क्लू की तलाश जारी है। सैकड़ों सस्पेक्टेड की लिस्ट तैयार है। एसटीएफ ने जीवन ज्योति अस्पताल की पूर्व लेडी डॉक्टर से भी गहन पूछताछ की। जबकि अस्पताल की एक पूर्व नर्स की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

आज से डॉक्टरों का सत्याग्रह
डॉ. बंसल के लिये इलाहाबाद में आज से डॉक्टर सत्याग्रह करेंगे। सिटी के तमाम डॉक्टर दोपहर 12 बजे से 24 घंटे के उपवास पर बैठेंगे। निजी अस्पतालों में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर मरीजों को देखेंगे फिर वह उपवास पर बैठकर विरोध दर्ज करायेंगे। इलाहाबाद सिटीजन फोरम के बैनर तले होने वाले इस सत्याग्रह उपवास में डॉक्टरों के अलावा व्यापारी, अधिवक्ता, दवा विक्रेता सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। ये भी पढ़ें: डॉ. बंसल मर्डर मिस्ट्री : नैनी सेंट्रल जेल में बना प्लान, कई दिनों से इलाहाबाद में थे शूटर












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